ताइवान से नजदीकी बढ़ाने पर चीन ने खुलकर दी ट्रंप को धमकी...

नई दिल्ली (9 जनवरी): जब से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति चुने गए हैं, तभी से चीन को यूएस के रिश्तों में खटास बढ़ गई है। अब चीन के सरकारी अखबार ने अमेरिका के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डोनाल्ड ट्रम्प को वॉर्निंग देते हुए कहा है कि अगर ट्रम्प यूएस की वन-चाइना पॉलिसी से मुकरे तो चीन इसका बदला लेगा।

चीन की तरफ से यह चेतावनी ताइवान की प्रेसिडेंट तसाई इंग-वेन के ह्यूस्टन दौरे के कुछ घंटों बाद दी गई है।

चीन की अपील को सनक न समझें...

- चीन के अखबार ने लिखा, "ट्रम्प से वन-चाइना सिद्धांत से न डिगने की चीन की अपील को सनक न समझा जाए।"

- "चीन-यूएस रिलेशन बनाए रखना अमेरिकी राष्ट्रपतियों की एक जिम्मेदारी है, जो एशिया-पैसिफिक की मौजूदा व्यवस्था का सम्मान भी है।"

- "चार्ज संभालने के बाद अगर ट्रम्प ने वन-चाइना पॉलिसी पलटी तो चीन के लोग अपनी सरकार से इसका बदला लेने की मांग करेंगे। उस स्थिति में सौदेबाजी की कोई गुंजाइश नहीं होगी।"

- बता दें कि ट्रम्प 20 जनवरी को प्रेसिडेंट पद की शपथ लेंगे। उन्होंने कहा है कि चार्ज संभालने से पहले वह किसी भी विदेशी नेता से मुलाकात नहीं करेंगे।

- हालांकि ट्रम्प ने 20 जनवरी के बाद तसाई से मुलाकात की संभावना का ऑप्शन खुला रखा है।

क्या है ताइवान मसला?- ट्रम्प ने पिछले साल दिसंबर में ताइवान की प्रेसिडेंट तसाई इंग-वेन से फोन पर बात की थी। जिस पर चीन ने एतराज जताया था।- उसी वक्त से चीन को यह डर है कि कहीं ट्रम्प 'वन चाइना' पॉलिसी पर अमेरिका के पहले के रुख में बदलाव कोई चेंज न कर दें।- चीन ने उस वक्त भी ट्रम्प को चेतावनी दी थी कि वह 'वन चाइना' पॉलिसी पर अमेरिका के पहले के रुख को बदलने की कोशिश न करें।- दरअसल, चीन यह मानता है कि ताइवान उसका हिस्सा है जो उससे अलग हो गया और आखिर में चीन का हिस्सा बन जाएगा।- चीन ने ताइवान को यह ऑफर दिया था कि अगर वह खुद को चीन का हिस्सा मान ले तो उसे ऑटोनॉमी (स्वायत्तता) दे दी जाएगी, लेकिन ताइवान ने इसे ठुकरा दिया।