जानिए, कैसे एक रात में भिखारी बना 65 लाख रूपए का मालिक

तिरूवनंतपुरम (1 अप्रैल): आंध्रप्रदेश के 35 साल का विकलांग भिखारी केरल जाकर रातों-रात 65 लाख का मालिक बन गया। यह भिखारी आंध्रप्रदेश से केरल अपनी हालत में सुधार करने के लिए आया था।

यहां पोन्नैय्या नाम के इस भिखारी को सरकारी अक्षया लॉटरी में 65 लाख का जैकपॉट हाथ लगा और इसकी किस्मत बदल गई। बुधवार को उसे 90,000 रूपए मूल्य के कई सांत्वना पुरस्कार भी मिले हैं। वह नियमित रूप से लॉटरी खरीदता था। वह उपनगरीय क्षेत्र वेल्लार्डा में रहता है। पुलिस से सूचना मिलने के बाद उसके पिता और भाई पुरस्कार राशि लेने के वास्ते जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे वापस ले जाने के लिए कल यहां आए।

पिछले महीने मजदूर बना था करोड़पति पोन्नैय्या से पहले मजदूरी करने पश्चिम बंगाल से आये 22 वर्षीय व्यक्ति ने पिछले महीने केरल सरकार की लॉटरी में एक करोड़ रूपए जीता था।

कैसे बना विकलांग पोन्नैय्या आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले का रहने वाला है और कभी राज-मिस्त्री का काम करता था लेकिन एक दुर्घटना में अपना पैर गंवाने के बाद वह अपनी पत्नी एवं तीन बच्चों की देखभाल के लिए भीख मांगने लगा।

वेल्लार्डा पुलिस के अनुसार वह इस उपनगरीय और उसके आसपास भिक्षाटन करता है तथा केरल-तमिलनाडु सीमा पर स्थिति मार्थनडाम में एक बस स्टैंड में रातें गुजराता है। उसे भिक्षाटन में जो धन मिलता था उसे वह बैंक के माध्यम से अपने परिवार को भेजता था और हर महीने कुछ पैसे लॉटरी खरीदने के लिए बचा लेता था।