भीख मांग कर गरीब बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाने वाले भिखारी को 'लिट्रेसी हीरो अवॉर्ड'

नई दिल्ली (13 फरवरी): गुजरात के मेहसाना में रहने वाले खिमजी प्रजापति को रोटरी क्लब ऑफ इंडिया ने 'लिट्रेसी हीरो अवॉर्ड' के लिए चुना है। प्रजापति एक भिक्षा मांग कर अपना गुजारा करते हैं। दरअसल, इतना ही नहीं कि वो भिक्षा सिर्फ अपने लिये मांगते हैं, बल्कि भिक्षा में मिली एक-एक पायी को वो इकट्ठा करते हैं और लड़कियों को पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सोने के कुण्डल बांटते हैं। इसके अलावा वो गरीब परिवारों की लड़कियों को स्कूल ड्रेस और कॉपी-किताब भी खरीदकर देते रहते है। ये सब भी वो भीख में मिले पैसों से ही खरीदते हैं। खिमजी प्रजापति के पास न रहने का ठिकाना, न खाने का गुजारा फिर भी वो लड़कियों वाले गरीब परिवारों को चिन्हित करते हैं और बिना बताये जो भी जरूरी होता उनके लिए करते हैं। खिमजी के इस उपक्रम की जानकारी रोटरी क्लब को हुई तो क्लब ने उन्हें पुरस्कृत करने और एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है। खिमजी को 3 मार्च को रोटरी क्लब के कार्यक्रम में चैन्नै में सम्मानित किया जायेगा। रोटरी क्लब ऑफ मेहसाना (लिट्रेसी) के अध्यक्ष ने बताया, 'हम उन्हें उनकी यात्रा के दौरान सभी सुविधाएं देंगे और 3 मार्च को पुरस्कार ग्रहण करने के लिए वह चेन्नै में मौजूद रहेंगे।'