गर्लफ्रेंड को खुश रखने के लिए रात के अंधेरे में करते थे गलत काम...

ऩई दिल्ली (14 अप्रैल): मासूम से चेहरे वाले लड़के जिनके हाथों में किताबें हों क्या कोई सोच सकता है कि वो किसी पर तमंचा तान कर उसे लूट भी लेते होंगे। सुनने से तो ऐसा नहीं लगता लेकिन यह सच है कि हाथों में किताब थामे मासूम चेहरे किसी हसीना के इश्क में लुटेरे बन बैठे हैं। गोरखपुर के एसएसपी ने यूनिवर्सिटी से एमए कर रहे दो स्टुडेंट्स की मीडिया के सामने परेड करवायी तो सब सन्न रह गये। इन दोनों ने अपनी गर्लफ्रेंड्स की फरामाइशों को पूरा करने के लिए पहले मेहनत करने की कोशिश की, जब वो मेहनत से गर्लफ्रेंड्स की फरमाइशें पूरी न कर पाये तो शार्ट कट इस्तेमाल करने लगे।

दो महीने में गोरखपुर शहर और आसपास के इलाकों में इन दोनों ने हैरतंगेज तरीके से लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया। गिरफ्तार हो हाजाने के बाद भी उन लोगों के चेहरे पर पछतावे के निशान नहीं थे। उन्होंने सबके सामने कबूल किया कि वो अपने और गर्लफ्रेंड्स के खर्च के लिए लूट की वारदात करते थे। उन्होंने कहा कि घर से मिलने वाला पॉकेट खर्च पढ़ाई में ही चला जाता था। ब्रांडेड कपड़े, जूते, गर्लफ्रेंड के साथ होटल में खाना, मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखने जैसे खर्चों के लिए उनके पास कोई दूसरा उपाय नहीं था। इन दोनों लुटेरे छात्रों के नाम जितेन्द्र यादव और रवि यादव हैं। रवि अंग्रेजी से और जितेन्द्र सोशियोलॉजी में एमए कर रहा है। रवि के पिता खेती-किसानी करते हैं जबकि जितेन्द्र के पिता कमिश्नरी में क्लर्क हैं। इन दोनों के साथ इनके दो जनियर स्टुडेंट भी शामिल हैं।