झारखंड के 3 जिलों को नया देश बनाने की थी तैयारी

रांची(20 दिसंबर): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में नया देश बनाने की तैयारी थी। एक रिटायर्ड ब्लॉक डिवेलपमेंट अफसर ने सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी इलाके में कोल्हान मंडल को अलग देश घोषित करने के ऐलान का कार्यक्रम रखा था, लेकिन पुलिस ने इस कार्यक्रम को रोक दिया। 

- 80 साल का मुख्य आरोपी पूर्व बीडीओ रामो बिरुवा मौके से फरार हो गया। हालांकि उसके साथी मुन्ना बानसिंह को पुलिस ने राष्ट्रद्रोह में मामले में अरेस्ट कर लिया है। 

- इसके साथ ही इलाके के 44 लोगों पर भी राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है और धारा 144 लगा दी गई है। मालूम हो कि झारखंड के कोल्हान मंडल में पश्चिमी सिंहभूम सहित तीन जिले आते हैं।

- कोल्हान में आदिवासियों की संख्या ज्यादा है। कहा जाता है कि आजादी के 70 साल बाद भी यहां कुछ आदिवासियों का एक समूह इस इलाके को अलग देश मानता है। उन्होंने इसे 'कोल्हान गवर्नमेंट एस्टेट' नाम दिया है। बिरुवा को जब यह पता चला तो उसने आदिवासियों का प्रतिनिधि बनकर इस बारे में 1995 में ब्रिटिश सरकार से संपर्क साधा। उसके साथियों का दावा है कि 1998 में ब्रिटिश सरकार से बिरुवा के पास एक जवाब आया, जिसमें बिरुवा को 'कोल्हान गवर्नमेंट एस्टेट' का संरक्षक घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही उसे इलाके के लोगों से टैक्स वसूलने का अधिकार भी दिया गया। 

- इसके बाद बिरुवा कोल्हान को अलग देश घोषित करने की कवायद में जुट गया। उसने अपने साथ लोगों को जोड़ना शुरू किया। पोस्टर व बैनर छपवाकर चोरी-चुपके प्रचार भी किया। 8 महीने पहले इस तरह की शिकायत मिलने के बाद बिरुवा को पुलिस ने अरेस्ट किया था। हालांकि, थोड़े ही दिनों में उसे छोड़ दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर ब्रिटिश सरकार के जवाब को आधार बनाते हुए कोल्हान को अलग देश घोषित करने के प्रचार में जुट गया। पिछले दिनों उसने आदिवासियों के साथ एक बैठक की और खुद को इस देश का राजा घोषित किया। 

- 18 दिसंबर को एक कार्यक्रम रखा, जिसमें अलग देश का झंडा फहराए जाने की प्लैनिंग थी। हालांकि पुलिस ने यह कार्यक्रम रुकवा दिया। जिले के एक पुलिस अधिकारी अनीश गुप्ता ने कहा, 'बिरुवा पिछले कुछ साल से कोल्हान को एक अलग देश होने के दावा कर रहा था। अब हमने लोगों को उसके द्वारा बुलाई गई किसी बैठक में शामिल नहीं होने को कहा है।'