ICC और BCCI आमने-सामने

नई दिल्ली (5 फरवरी): आईसीसी अपने वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। रेवेन्यू मॉडल में बदलाव से सबसे ज्यादा रेवेन्यू शेयर वाले भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को काफी नुकसान होगा। हालांकि भारत लगातार इसका विरोध करता आ रहा है, लेकिन इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने वक्त पर भारत का साथ छोड़ दिया।

रेवेन्यू शेरयिंग को लेकर ICC और BCCI आमने-सामने आ गया है। बीसीसीआई के विरोध के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICC ने नए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को मंजूरी दे दी। दुबई में हुई ICC की बोर्ड मीटिंग में ये फैसला लिया गया। 2014 के बिग-3 मॉडल यानी ज्यादा कमाई देने वाले देशों को राजस्व देने के नियम में बदलाव किया गया है। बिग-3 में भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया शामिल है।

बीसीसीआई के प्रतिनिधि विक्रम लिमये के कड़े विरोध के बावजूद आईसीसी बोर्ड के ज्यादातर सदस्यों ने नए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के पक्ष में मतदान किया। कई देश तो ऐसे थे जो BCCI के समर्थन में थे, लेकिन वोटिंग के वक्त ICC के पाले में चले गए। नए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को जिन देशों ने अपना समर्थन दिया उसमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश शामिल है।

- ICC के नए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के विरोध में BCCI अकेला पड़ गया।

- भारत के अलावा सिर्फ श्रीलंका ने नए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर अपनी सहमती नहीं जताई।

- जिम्बाब्वे ने अपने आपको इस पूरी प्रक्रिया से दूर रखा।

- भारत का साथ देने वाला बांग्लादेश भी बदलाव के समर्थन में रहा।

- नए नियम के खिलाफ पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ खड़े थे। लेकिन उन्होंने भी नए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के पक्ष में वोटिंग की।

आईसीसी के मौजूदा वित्तीय मॉडल में आईसीसी को प्राप्त होने वाले कुल राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा बीसीसीआई को मिलता है। लेकिन आईसीसी ने अब अपने मॉडल का जो प्रस्ताव सबके सामने रखा है, उसमें राजस्व का हिस्सा सबको बराबरी से देने की बात है।

- नया रेवेन्यू शेयरिंग सिस्टम लागू होने पर भारत की हिस्सेदारी घट सकती है

- अभी रेवेन्यू में BCCI की हिस्सेदारी 20 फीसदी से ज्यादा है

- इसके बावजूद BCCI को 2000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है

- लेकिन नए सिस्टम में इसके 15 फीसदी तक आने की आशंका जताई जा रही है।

- अनुमान है कि इससे आने वाले 14 साल में BCCI को करीब 3000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है

बीसीसीआई पिछले कुछ महीनों से इस बदलाव का विरोध कर रहा है। वहीं BCCI के ही पूर्व चेयरमैन और आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन शशांक मनोहर रेवेन्यू मॉडल में बदलावों के पक्ष में हैं और बदलाव को सही बता रहे हैं। नए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को ICC की बोर्ड मीटिंग में मुहर जरूर लग गई है, लेकिन इस मॉडल पर अप्रैल में होने वाली अगली मीटिंग में फाइनल किया जाना है। माना जा रहा है कि इस दौरान विक्रम लिमये रेवेन्यू मॉडल के बदलावों को लेकर कुछ रास्ता निकाल लेंगे। ये बेहद चैकाने वाली बात है कि ICC के चेयरमैन शशांक मनोहर इन बदलावों को लेकर राजी हैं।