बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप: एक्सल या बावरिया, इन GANGS पर टिकी शक की सुई

डॉ. संदीप कोहली, नई दिल्ली (3 अगस्त): एनएच-91 पर घिनौनी और खौफनाक वारदात के पीछे दो गिरोह का नाम सामने आ रहा है। वो गिरोह हैं एक्सल गैंग और बावरिया गैंग। यूपी के डीजीपी जावीद अहमद ने भी इस घटना के पीछे बावरिया गिरोह का हाथ होने का शक जताया है। एक्सल गैंग और बावरिया गैंग दोंनो एक खास तरीके के क्राइम करते हैं। दोनों गिरोह यूपी में कई जगह लूट और हत्या की घटना को अंजाम दे चुके हैं। जानिए कैसे देते हैं दोनों गैंग खौफनाक वारदातों को अंजाम...

बावरिया गैंग

- बावरिया एक घुमंतू जनजाति है, आबादी से दूर सड़क के किनारे डेरा डालकर रहने वाली जाति है बावरिया।  - बावरिया गैंग क्रूर माना जाता है, गिरोह लूट की वारदात को जहां भी अंजाम देता है, हत्या या मारपीट जरूर करता है। - बावरिया को कच्छा बनियान गिरोह के नाम से भी जाना जाता है, गैंग के सभी सदस्य आधे नंगे रहकर वारदात को अंजाम देते हैं।  - बावरिया गैंग पश्चिमी यूपी, हरियाणा और राजस्थान में रहते हैं पूरे प्रदेश में कहीं भी वारदात करके वहीं लौट आते हैं। - बावरिया गैंग पिछले पांच दशकों से अस्तित्व में है, यह गैंग संगठित रूप से अपराध करता है। - वारदात को अंजाम देने से पहले गैंग जादू-टोना, तंत्र-मंत्र करता है, इसके बाद वह घटना को अंजाम देने निकलता है।  - अंधविश्वासी इतने कि अगर घटना को अंजाम देने निकलते थे और कुत्ते के रोने की आवाज सुन लेते तो वारदात को पोस्टपोन कर देते थे। - घटना को अंजाम देने के बाद गैंग के सदस्य घटनास्थल पर बैठकर शराब भी पीते हैं। - सबसे बड़ी बात यह है कि वारदात वाले घर में वे खून जरूर बहाते है. खून को काफी शुभ मानते है। - समय बदलने के साथ ही बावरिया गैंग की मॉडस ऑपरेंडी भी बदल गई है।

समय के साथ मॉडस अपरेंडी भी बदल गई - बावरिया गैंग की कार्यशैली के साथ-साथ जीवन शैली भी बदल गई है।  - अब वह रोड किनारे टेंट लगाकर नहीं रहते, बल्कि किराए पर प्लैट और मकान में रहते है।  - गैंग के मेम्बर अब जींस टीशर्ट में दिखते हैं। अब पिस्टल और देसी बम भी रखते हैं।

सिलसिलेवार करते है वारदात - बावरिया गैंग ज्यादातर वारदात हाईवे और बाहरी एरिया में करते है।  - वारदात अंजाम कर वे शहर की सीमा के बाहर निकल जाते है।  - वारदात को दौरान मर्डर हो जाता है तो फिर गैंग उस एरिया को छोड़ देते है। 

ऐसे ढूंढते हैं अपना शिकार - इस गिरोह के लोग दिन में आवासीय इलाकों में भिखारी, मजदूर आदि बनकर अपना शिकार ढूंढते हैं। - दिन में रैकी करने के बाद जिस घर को ये लोग चिन्हित करते हैं रात में उसी घर पर धावा बोल देते हैं। - वारदात को अंजाम देने के लिए जब ये लोग निकलते हैं तो कहते हैं काम पर निकल रहे हैं। - ये गिरोह के लोग अपने साथ सरिया, रस्सी, कुल्हाड़ी और चाकू आदि ही साथ रखते हैं। - ये गिराहे घर में घुसकर सोने चांदी के जेवर पहले लूटते हैं। - गिरोह में शामिल लोगों की संख्या 6 से 12 तक होती है। ये लोग आपस में कोड में बात करते हैं। - गिराहे के लोगों की बातचीत कोई दूसरा नहीं समझ सकता।

हरियाणा, राजस्थान और वेस्ट यूपी में सक्रिय है गिरोह - बुलंदशहर गैंग रेप की घटना को अंजाम देने वाले बदमाश बावरिया गिरोह के बताए जा रहे हैं। - डीआईजी लक्ष्मी सिंह का कहना है कि बावरिया गिरोह के सदस्यों ने हरियाणा, राजस्थान, यूपी में लूट डकैती की कई घटनाएं की हैं। - बावरिया गिरोह के कुछ सदस्य पलवल, गाजियाबाद और राजस्थान की जेल में बंद है। - गैंग रेप की घटना के बाद वेस्ट यूपी समेत कई जिलों और आसपास के राज्योें में बावरियों से जुड़ी वारदातों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।

यूपी पुलिस को क्यों हुआ बावरिया गैंग पर शक - करीब 20 दिन पहले सलीम बाबरिया गैंग के 20 से ज्यादा बदमाश भरतपुर डेरे पर एकजुट हुए थे। - इस मीटिंग में शाजेब के अलावा बुलंदशहर का रईस और नोएडा का जबर सिंह भी शामिल था। - जबर सिंह हाल ही में हुई कई वारदातों में भी शामिल रहा है। - गौर करने वाली बात ये है कि जबर सिंह की पत्‍नी सलीम बाबरिया के नजदीकी रिश्तेदार की बेटी है। - जबरसिंह और उसकी पत्नी को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है। - बताया जा रहा है कि पुलिस को जबरसिंह की पत्नी से बाबरिया गैंग के बारे में अहम जानकारी मिली है। - जबरसिंह की पत्नी ने बताया है, एक बार डेरे से निकलने के बाद गैंग वापस डेरे पर तभी लौटता था, जब 4-5 महीनों में 'कमाई का कोटा' पूरा हो जाता है। - बता दें, बुलंदशहर गैंगरेप मामले में पुलिस ने जिन 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया है, उनमें जबरसिंह, रईस और शाबेज शामिल हैं। - बच्ची का बलात्कारी है रईस, देखते ही मारने दौड़ा था परिवार - पुलिस के मुताबिक, रईस बुलंदशहर में हुई लूट और गैंगरेप दोनों घटनाओं में शामिल था। - हापुड़ के सुतारी गांव निवासी रईस ट्रेक्टर और डंफर चलाने का काम करता है। उसे इलाके के रास्तों की अच्छी जानकारी है। - उसने गैंग के लिए मार्गदर्शक का भी काम किया। जब खेत में गाड़ी फंसी, तो रईस ने ट्रैक्टर लाने की बात कही थी। - फिलहाल, पुलिस गैंग के सरगना, सलीम बाबरिया की तलाश में जुटी है।

 

एक्सल गैंग

- शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि गिरोह आसपास के ही इलाके का है। - अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, पलवल और फरीदाबाद तक के घुमंतू अपराधी शामिल हैं।  - बताया जा रहा है कि ये घुमंतू छेमार और अहेड़िया जाति से जुड़े हुए हैं।  - गिरोह पिछले तीन महीनों से लगभग एक ही तरीके से वारदात को अंजाम दे रहा है। - इन तीन महीनों में गिरोह ने डकैती और लूटपाट के दौरान रेप की कई वारदात की हैं। - गिरोह को इलाके में 'एक्सल गैंग' के नाम से जाना जाता है।  - 'एक्सल' नाम इसलिए क्योंकि यह गिरोह लोहे के चक्के को हाइवे पर सुनसान इलाकों में चलती गाड़ियों पर फेंकते हैं। - लोहे की भारी चीज होने के चलते गाड़ी में ऐसा लगता है कि गाड़ी का एक्सल टूट कर गिर गया है।  - इस तरीके से इस गिरोह ने गौतमबुद्ध नगर के जेवर और रबूपुरा इलाके समेत आसपास के जिलों में कई वारदात की हैं।

खेतों के आसपास करते हैं वारदात - इस गिरोह के बदमाश चेकिंग के दौरान पकड़े जाने से बचने के लिए गाड़ी से नहीं चलते हैं।  - यह लोग रात में पैदल पैदल खेतों से चलकर कई किलोमीटर का सफर तय करके हैं।  - वारदात के बाद सुबह तक वापस अपने घरों तक पहुंच जाते हैं। - हाइवे के ये लुटेरे वारदात करते समय महिलाएं मिलने पर उनके साथ गैंगरेप करते हैं। - गैंग के बदमाश तमंचे रखने के साथ साथ छोटे-छोटे डंडे भी अपने साथ रखते हैं।  - इन्हें घुमंतू जनजाति का माना जा रहा है, ये बड़े आराम से शराब पीकर वारदात करते हैं। - पिछले कई घटनाओं में कुछ जगहों पर पुलिस को मौके से शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। 

उत्तर प्रदेश का बढ़ता क्राइम ग्राफ

उत्तर प्रदेश में बलात्कार की घटनाओं में हुआ है इजाफा... - उत्तर प्रदेश में 2014 से 2015 में बलात्कार के मामलों में 161 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। - उत्तर प्रदेश राज्य क्राइम ब्यूरो द्वारा जारी  आंकडों में 2014 में 3,467 बलात्कार की घटनाएं हुई थीं, जबकि 2015 में ये बढ़कर 9,075 हो गई। - इतना ही नहीं, बलात्कार का प्रयास करने वाली घटनाओं में भी 30 फीसदी का इजाफा देखने को मिल रहा है। - राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2014 के आंकड़ों के मुताबिक  अन्य राज्यों की तुलना यूपी में हर साल बलात्कार की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। - पूरे देश में जहां 2010 (22,172) से 2014 (36,735) तक बलात्कार का घटनाओं में 65 फीसदी का इजाफा देखने के मिला था। - वहीं उत्तर प्रदेश में इस दौरान (2010 में 1,563 घटनाएं वहीं 2014 में 3,467 घटनाएं) 121 फीसदी का इजाफा देखने को मिला था। - NCRB के आंकड़ों के अनुसार साल 2014 में मध्य प्रदेश में 5,076 रेप की घटनाएं हुई।  - दूसरे नंबर पर राजस्थान है यहां 3759 और तीसरे नंबर पर यूपी है जहां 3461 इस तरह के मामले दर्ज किए गए। 

यूपी में बलात्कार, राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना - 2010-11: जहां देश में रेप की वारदात 9.2% बढ़ी तो वहीं यूपी में 30% बढ़ी - 2011-12: जहां देश में रेप की वारदात 3% बढ़ी तो वहीं यूपी में 3.8% बढ़ी - 2012-13: जहां देश में रेप की वारदात 35.2% बढ़ी तो वहीं यूपी में 55% बढ़ी - 2013-14: जहां देश में रेप की वारदात 9% बढ़ी तो वहीं यूपी में 13.6% बढ़ी

उत्तर प्रदेश में बलात्कार की घटनाएं - जुलाई 2016- बागपत में तीन युवकों ने किया नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार - अप्रैल 2016- बिजनौर मं बारात देखने गई युवती के साथ सामूहिक बलात्कार - अप्रैल 2016- प्रतापगढ़ में घर में घुसकर युवती से सामूहिक बलात्कार - अप्रैल 2016- सीतापुर में गैंगरेप के बाद महिला को मारी गोली - जनवरी 2016- मुजफ्फरनगर में शौच के लिए गई युवती का अपहरण कर किया गैंगरेप - जनवरी 2016- मुजफ्फरनगर में छह लोगों ने कथित तौर पर 30 साल की महिला के साथ किया गैंगरेप - अक्टूबर 2015- इटावा में यूपी पुलिस के तीन सिपाहियों ने ड्यूटी पर गई महिला पुलिसकर्मी से किया गैंगरेप - जुलाई 2015- मुजफ्फरनगर में यूपी में पुजारी की पत्नी की कथित रेप के बाद हत्या