2030 तक मंगल ग्रह पर रहने लगेंगे इंसान!

वाशिंगटन (11 अक्टूबर):  अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि 2030 तक मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बना ली जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार कुछ प्राइवेट कंपनियों के साथ काम कर रही है।

ओबामा ने कहा कि अगले अध्याय में हमारा उद्देश्य एकदम साफ है कि हम 2030 तक इंसानों को मंगल ग्रह पर भेज सकेंगे और उन्हें सकुशल वापस ला पाएंगे। इसके लिए सरकार और कुछ प्रावेटइ कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा, हम इसके लिए रास्ता भी तैयार कर चुके हैं। इसी के साथ अगले दो सालों में प्राइवेट कंपनी पहली बार मंगल ग्रह पर अपने अंतरिक्ष यात्री भेज सकेंगे।

हमार अगला लक्ष्‍य पृथ्‍वी से परे यात्रियों को भेजना होगा और मैं इसे लेकर काफी उत्साहित हूं। हम अपने कर्मिशयल पार्टनर के साथ मिलकर नए आवासों का निर्माण कर रहे हैं, जो अतंरिक्ष यात्रियों के लिए यात्रा करने के दौरान काफी महत्वपूर्ण होंगे। यह मिशन हमे सीखाएगा कि किस तरह से इंसान धरती से दूर रह सकते हैं। हम कुछ ही समय के बाद मंगल ग्रह की लंबी यात्रा को पूरा करेंगे।

आपको बता दें कि हाल ही में स्पेसएक्स कंपनी के प्रमुख एलोन मस्क ने घोषणा की थी कि वह जल्द ही लाल ग्रह पर कुछ लोगों को भेजेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि मंगल ग्रह में मानव को भेजने वाली उनकी पहली कंपनी होगी, लेकिन अब एक और कंपनी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हो गई है। डच ऑर्गेनाइजेशन मार्स वन ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ घोषणा कर दी है कि हम 2027 तक मंगल ग्रह पर मानव को पहुंचा देंगे। मार्स वन के सीईओ बास लेंडसडोर्प ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमारे कुछ एस्ट्रोनॉट 2027 तक हमेशा के लिए धरती को छोड़ देंगे।

उनकी मार्स पर एक स्थायी कॉलोनी बनाने की योजना है जो इंसानों के रहने के लिए पूरी तरह अनुकूल होगी। लेंडसडोर्प ने कहा कि हम चयनित लोगों को मंगल ग्रह पर स्थायी रूप से रहने के लिए भेजेंगे। हमारी कंपनी जिन लोगों को मंगल ग्रह पर भेजेगी, उन्हें वहां रहने के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। कंपनी मंगल पर जाने वाले लोगों का चुनाव भी कर रही है।

लेंडसडोर्प ने साफ कहा कि यहां से जाने वाले लोगों को धरती को हमेशा के लिए अलविदा कहना होगा क्योंकि हमारी मंगल ग्रह की ट्रिप सिर्फ वन-वे होगी। उन्होंने कहा कि हम हर दो साल में चार लोगों को मंगल ग्रह पर भेजेंगे। साथ ही हम ऐसे लोगों का चुनाव कर रहे हैं, जो टीम वर्क के साथ रह सकते हों। क्योंकि मंगल ग्रह पर रहने के लिए सभी सदस्यों को एक-दूसरे पर निर्भर रहना पड़ेगा। लोगों का इंटरव्यू लेते समय हम खास तौर पर इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं।