नोटबंदी का असर, बैंकों में दस गुना तक बढ़े संदिग्ध लेन-देन

नई दिल्ली (4 जनवरी): नोटबंदी के बाद से बैंककर्मियों का हाल बेहाल है। पुराने नोटों को जमा करने और नए नोट निकालने के लिए पिछले दिनों बैंकों में भारी भीड़ लगी रही। पीएम मोदी की नोटबंदी के अभियान को सफल बनाने में बैंककर्मियों का भारी योगदान रहा है। इस दौरान दिन रात एक करके बैंककर्मियों ने काम किया। वहीं अब बैंको पर इनकम टैक्स और इन्फोर्समेंट अथॉरिटी का दबाव भी बढ़ गया है। बैंक लगातार 'संदिग्ध लेन-देन' की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और संबंधित बिभाग को दे रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के दौरान बैंकों में भारी तादद में संदिग्ध लेनदेन हुए।  रिपोर्ट के मुताबिक कुछ प्राइवेट बैंकों ने ऐसे संदिग्ध मामलों में 10 गुना बढ़ोतरी की जानकारी दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक अगर किसी प्राइवेट बैंक हर महीने में 275-300 संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग होती थी तो दिसंबर महीने में उसी बैंक ने संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन रिपोर्ट (STR) की संख्या 3000 तक बतायी है।

वहीं एक अन्य बड़े बैंक ने बताया कि 1 करोड़ से अधिक कैश डिपॉजिट के STR की संख्या में आठ गुना तक की बढ़त देखी गई। बैंक अधिकारियों के मुताबिक टैक्स अथॉरिटी के बढ़ते सर्विलांस के तहत अधिक सतर्कता बरती जा रही है। एक महीने में फाइल होने वाली STR अब एक हफ्ते में फाइल हो रही है।

काले धन को सफेद करने में जुड़े लोगों की सहायता करने के आरोप में अबतक 5 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा संदिग्ध 547 अन्य ब्रांचों की भी पहचान कर ली गई है।