'मेरी विदेशी सम्पत्ति का ब्यौरा मांगने का हक बैंकों को नहीं'

नई दिल्ली (21 अप्रैल): अरबों रुपये के लोन डिफॉल्टर विजय माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि बैंकों को उनकी विदेश में मौजूद सम्पत्तियों की जानकारी हासिल करने का कोई अधिकार नहीं है।

'इकॉनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, माल्या को सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल तक अपनी और अपने परिवार की कुल सम्पत्ति (भारत और विदेशों में) का खुलासा करने के लिए आदेश दिया था। इसके अलावा यह भी संकेत मांगा था कि वह कोर्ट के सामने कब पेश होंगे। माल्या ने हलफनामे में इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है।

माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि एक अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) होने के नाते उनके लिए यह बाध्यता नहीं है कि वह अपनी विदेशी सम्पत्तियों का खुलासा करें। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और 3 बच्चे अमेरिकी नागरिक हैं। उन्होंने कहा, लोन देते वक्त विदेशी सम्पत्तियों को गारंटी के तौर पर नहीं माना जाता।