बैंकों ने सरकार से कहा-माल्या को बुलाओ सैटलमेंट कर लेंगे

नई दिल्ली (13 मार्च): लिकर बैरन विजय माल्या के विदेश जाने से काफी परेशान बैंकों ने आरबीआई और वित्त मंत्रालय से साफ तौर पर कहा है कि माल्या और अन्य विलफुल डिफॉल्टर्स के साथ लोन सेटलमेंट की पहल की जाये। बैंक यह भी चाहते हैं कि माल्या को देश वापस लाने के लिए कदम उठाए जायें। बैंक उनसे सेटलमेंट करने को तैयार हैं। हालांकि विजय माल्या ने पिछले साल बैंकों के सामने सेटलमेंट का फॉर्म्यूला रखा था। इस फॉर्म्यूले के मुताबिक उनकी कंपनी ने बैंकों से जो कर्ज लिया है, उस पर लगी ब्याज राशि को हटाया जाये।

इसके अलावा बैंक माल्या की कंपनी की वित्तीय हालत देखते हुए कर्ज का जो मूलधन हैं, उसमें भी कुछ राहत और रियायत दें। एक उच्चाधिकारी ने कहा, 'हम चाहते हैं कि ऐसा कोई प्रावधान या नियम बने, जिसमें सभी विलफुल डिफाल्टरों को बैंकों के साथ बातचीत करके लोन सेटलमेंट का विकल्प दिया जाये। इधर बैंकों ने देश में माल्या के साथ अन्य विलफुल डिफाल्टरों की संपत्तियों की सूची बनानी शुरु कर दी है। इसे जल्द आरबीआई के पास भेजा जायेगा और उसके बाद इस पर तुरंत कार्रवाई भी की जाएगी। माल्या के पास करीब 5500 करोड़ रुपयों के फ्री असेट्स मौजूद हैं। बैंक इन संपत्तियों के जरिए अपने कर्जे की वसूली कर सकते हैं।