पति, पत्नी, फेसबुक और मर्डर...

अमिताभ ओझा, पटना (28 जुलाई): पत्नी का फेसबुक पर चैटिंग करना पति को नागवार लगता था। उसने पहले उसे मना किया, फिर इसी बात को लेकर झगडा हुआ और फिर भी पत्नी नहीं मानी तो एक दिन शक में अंधे हो चुके उस पति ने अपनी पत्नी का कर दिया बेदर्दी से क़त्ल। तरीका भी ऐसा की रूह कांप जाए। पहले गला दबाया, फिर एक-एक कर शरीर पर चाकू से 32 जख्म कि।

इतना ही नहीं अपने ढाई साल के मासूम बेटे के साथ दो दिन तक पत्नी की लाश के साथ रहा और जब लाश से बदबू आने लगी तो फरार हो गया। यह किसी थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं बल्कि एक हकीकत है, जिसकी सच्चाई जानकार पुलिस भी दंग है। बैंक ऑफिसर महिला चारुलता का कहने को उसके पति था, एक ढाई साल का मासूम बेटा था। खुशहाल मायका तो संपन्न ससुराल था, लेकिन फिर भी वो खुश नहीं थी। उसका पति उसके चरित्र पर शक करता था और इसी शक के चलते उनसे पत्नी को मार डाला।

चारुलता की मौत में शक की सुई शुरू से ही उसके पति मृत्युंजय देव उर्फ़ अमित पर थी। साथ ही चारू की सास और ससुर भी फरार थे। गुरुवार की सुबह मृत्युंजय को पुलिस की स्पेशल टीम ने पटना एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ़्तारी के बाद चारुलता की हत्या की पूरी कहानी उसने खुद बयां की। गिरफ्तार मृत्युंजय उर्फ़ अमित के अनुसार शादी के बाद उसकी पत्नी की बैंक में नौकरी लगी थी, वह बैंक ऑफ बड़ोदा में पीओ थी। जबकि उसके दवा का बिजनेस था, लेकिन इन दिनों उसका बिजनेस ख़राब चल रहा था।

उसके पति ने बताया कि नौकरी मिलते ही चारुलता का व्यवहार बदल गया था। वह घंटो मोबाइल पर चैटिंग करती थी और यह उसे बुरा लगता था। 22 जुलाई को वह चारुलता के साथ महावीर मंदिर गया था, वहां से चारू को छोड़कर वह वापस घर लौट रहा था। लेकिन जाम होन के कारण वह थोड़ा आगे निकल गया, जब वह वापस चारू के पास लौटा तो देखा वह किसी और से साथ बात कर रही है। उसके बाद वह चारू के लेकर घर आ गया। घर पर दोनों के बीच झगडा हुआ और इसी दौरान उसने गुस्से में चारू का गला दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई।