बैंक में पीएम मोदी का जासूस, नहीं बच पाएंगे भ्रष्ट कर्मचारी

नई दिल्ली (12 दिसंबर): नोटबंदी के 34 दिन भी देशभर में आम लोगों के पास कैश की भारी किल्लत है। लोग कैश के लिए घंटों-घंटों बैंक और एटीएम के बाहर लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। लेकिन बैंकर्मियों की मिली भगत से 2000 और 500 के करोडों के नए नोट काले कारोबारियों तक पहुंच गए। अगर ये नोट बैंक और एटीएम के जरिए आम लोगों पास पहुंचते तो आज देश में कैश की क्राइसिस नहीं रहती और सरकार की किरकिरी नहीं होती।


बैंक कर्मियों की इस कालाबाजारी की वजह से जहां लोगों तक सही तरीके से कैश नहीं पहुंच पाया वहीं सरकार की नोटबंदी की मुहिम को भी भारी ठेस पहुंचा है। लिहाजा सरकार ऐसे बैंक अधिकारी और कारोबारियों के खिलाफ सख्त नजर आ रही है।


सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक बैंककर्मी और काले कारोबारियों के इस गठजोड़ की भनक खुफिया विभाग को वक्त रहते भनक लग गई थी। इसके बाद इंटेलिजेंस के कर्मचारियों ने तकरीबन 625 बैंकों का स्टिंग किया, जिसमें तकरीबन 425 बैंकों में बैंककर्मी, व्यापारी और हवाला कारोबारी की मिलीभगत से करोड़ों के कालेधन को सफेद करने की कोशिश कैमरे में कैद हुई है।


इस सिलसिले में पीएम नरेंद्र मोदी भी पहले ही कह चुके हैं कि सरकार बैंकवालों पर 'तीसरी आंख' से नजर रख रही है। दरअसल, नोटबंदी की घोषणा के बाद सरकार को ऐसी उम्मीद थी कि बड़े पैमाने पर कालाधान सामने आएगा। लेकिन ऐसा आरोप लगा कि बैंककर्मियों की मदद से बहुत सारे कालेधन को सफेद किया गया।


बताया जा रहा है कि पीएमओ ने इन स्टिंग और आईबी रिपोर्ट पर वित्त मंत्रालय को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि स्टिंग में कई बैंक अधिकारियों के साथ बड़े व्यापारी और कुछ नेता भी पकड़े गये हैं जो ब्लैक मनी को सफेद करने की कोशिश करते दिख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग में लगभग दो सौ से अधिक बैंक अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है।