बैंक मैनेजर ने खुद रची अपने अपहरण की कहानी.....

नई दिल्ली(28 जुलाई): इंदौर क्राईम ब्रांच ने एचडीएफसी बैंक मैनेजर के अपहरण की झुठी कहानी का पर्दाफाश करते हुए आरोपी बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आपहरण की झुठी कहानी को अंजाम तक पहुचाने के लिए पांच लोगो की मदद ली गई है। पुलिस अन्य आरोपियो की तलाश कर रही है।

पुलिस की पूछताछ मे आरोपी बैंक मैनेजर ने बताया की 23 जुलाई की रात आरोपी बैंक मैनेजर मुकूल माथुर बडवाह से इंदौर पहुंचा। इंदौर मे अपने एक दोस्त के साथ 56 दुकान गया वहां से उसने अपनी पत्नी को फोन कर बताया की फोन की बैट्री खत्म हो गई है औऱ यहां पानी तेज गिर रहा है। लिहाजा पानी रुकने के बाद इंदौर से बडवाह से लिए रवाना होगा।

दरअसल आरोपी बैंक मैनेजर 56 दुकान से अपने दोस्त से साथ पहले तेजाजी नगर, वहां से राउ,और फिर खजराना गणेश मंदिर पहुंचा। पूरी रात मंदिर मे गुजारने के बाद सुबह उज्जेैन के लिए अपनी ही कार से दोस्त के साथ रवाना हुआ। आगरा के पास से पहली बार दोस्त के माध्यम से साले को फिरौती की मांग करने के लिए फोन कराया गया। फिरौती की मांग  सुनकर घबराए परिवार के लोग इंदौर पहुंचे औऱ पूरी घटना की जानकारी डीआईजी संतोष कुमार को बताई। अपहरण की जानकारी मिलते ही इंदौर क्राईम ब्रांच का अमला पुरे मामले की जांच मे जुट गया।

एक तरफ इंदौर क्राईम ब्रांच बैंक मैनेजर की तलाश मे थी। वहीं दूसरी ओर आरोपी बैंंक मैनेजर उज्जैन के बाद रतलाम,और  फिर चित्तोडगढ गया। इस बीच रतलाम मे अपनी गाडी रखकर दुसरी गाडी मे सवार हो गया। जिसमे पहले से ही चार अन्य दोस्त भी सवार थे। पांचो के साथ आरोपी राजस्थान के कोटा पहुचा वहा के भवानीगंज मंडी थाने पर गया औऱ वहां की पुलिस को बताया की उसका अपहरण कर लेकर कुछ लोग लेकर जा रहे थे। उनके चंगुल से भाग कर थाने पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक पूरी घटना की तश्दीक भवानीगंज पुलिस ने की तो पता चला की आरोपी बैंक मैनेजर मुकूल माथूर झुठ बोल रहा था। वहीं मोबाईल लोकेशन के आधार पर इंदौर क्राईम ब्रांच भी पीछे लगी हुई थी। भवानीगंज मंडी औऱ इंदौर क्राईम ब्रांच का संपर्क हुआ औऱ आरोपी बैंक मैनेजर मुकूल माथूर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुछताछ मे आऱोपी ने कबूल किया है की उसी ने अपहरण की झुठी कहानी रची है।