न्यूनतम बैलेंस के नाम पर ग्राहकों को लूट रही है बैंक, मुंबई IIT के प्रोफेसर की रिसर्च से खुलासा

नई दिल्ली (29 दिसंबर): नोटबंदी के बाद बैंकिंग के नियमों में कई अहम बदलाव हुए हैं। ऐसे में अगर आप जागरूक नहीं हैं तो आपको खाते से हर महीने कुछ न कुछ रुपये कट रहे होंगे। ऐसा ही कुछ खाते में न्यूनतम बैंसल रखने को लेकर हैं। तमाम बैंक खाते में न्यूनतम बैंसल रखने का नाम पर अपने ग्राहकों को भारी चूना लगा रहा है। ये खुलासा हुआ है मुंबई आईआईटी के प्रोफेसर आशीष दास की एक रिसर्च से। प्रोफेसर आशीष दास के मुताबिक मिनिमम बैलेंस के नाम पर कई बैंक अपने ग्राहकों पर 100 फीसदी तक का जुर्माना लगा रहा है।

हालांकि यह दर खातों और बैंकों के मुताबिक अलग- अलग होती है। ये बैंक अलग-अलग रेट से जुर्माना वसूलती है। ... ये बैंक आरबीआई के गाइड लाइंस को फॉलो नहीं करते जिस वजह से कई तरह के जुर्माना वसूल रहे हैं। न्यूनतम बैलेंस को लेकर आरबीआई ने साफ किया है कि न्यूनतम बैलेंस न रखने पर बैंक जो चार्ज लगा रहे हैं, वे किफायती हों। ये चार्ज सेवा मुहैया करने के लिए लगने वाली लागत से ज्यादा न हो।

बैंकों के डेटा को मानें तो SBI न्यूनतम बैलेंस न रखने पर 24.96 फीसदी का जुर्माना लगाता है। लोगों के पास न्यूनतम बैलेंस को लेकर सटीक जानकारी नहीं है जिस वजह से वो बैंक के जुर्माने भुगत रहे हैं।