अब 2 लाख जमा कराने वाले भी नहीं बेचेंगे, सरकार ने बनाया ये मास्टर प्लान

नई दिल्ली (3 फरवरी): नोटबंदी के दौरान अगर आपने अपने खाते में 2 लाख रुपये जमा कराए हैं और आप यह सोच रहे हैं कि आप सरकार की नजर से बच गए हैं तो इस खबर को पढ़कर आपकी परेशानी बढ़ सकती है। महज 2 लाख रुपये भी जमा कराने वाले भी अब इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की जांच के घेरे में आ सकता हैं।

आईटी डिपार्टमेंट ने ऐसे खातों की जांच करना शुरू कर दिया है। कुछ समय पहले बैंकों से ऐसे खातों के बारे में सूचना देने को कहा गया था।

फंसेंगे ऐसे लोग...

- अगर आपके एक नाम से कई खाते हैं और आपने सभी में 2-2 लाख रुपये जमा कराएं है

- अगर आपके परिवार में दस लोग हैं और आपने सभी के खातों में कुछ-कुछ रकम जमा कराई है।

- आईटी डिपार्टमेंट आपके पैन नंबर से पता लगा रही है कि आपके कितने खाते हैं और उनमें नोटबंदी के बाद कितना पैसा जमा हुआ।

- कुछ लोगों का सोचना है कि उन्होंने तो बैंकों को अपना पैन नंबर दिया ही नहीं तो ऐसे लोगों भी ज्यादा खुश ना हों, क्योंकि सरकार एक पते पर खुले खातों को भी मर्ज कर उनमें जमा पैसे की जांच कर रही है।

- अगर आपके परिवार में 5 सदस्य हैं और आपने सभी में 2-2 लाख रुपये तक जमा करांए हैं तो आईटी डिपार्टमेंट एड्रेस वैरिफेशन के आधार पर ऐसे खातों को खंगाल रही है।

आईटी डिपार्टमेंट ने बताया इतनी रकम पर है नजर...

- आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि नोटबंदी के बाद 60 लाख से अधिक खातों में दो-दो लाख रुपये से भी अधिक रकम जमा की गई है।

- इसके साथ ही अब तक बैंकों में करीब 3 से 4 लाख करोड़ रुपये की अघोषित नकदी भी जमा कराई गई है।

- आयकर अधिकारियों की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार 80,000 करोड़ के लोन की भी भुगतान किया गया है।

- नोटबंदी के बाद पूर्वोत्तर के राज्यों में बैंक खातों में करीब 10,700 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा की गई है।

- आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय सहकारी बैंकों के विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि की भी जांच भी कर रहा है।

- नोटबंदी के बाद निष्क्रिय बैंक खातों में 25,000 करोड़ रुपये नकद जमा कराए गए।