लोगों को लगेगा बड़ा झटका, बैंकों से कैश निकालने पर लगेगी फीस

नई दिल्ली (6 फरवरी): नोटबंदी के बाद सरकार देश की अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने में लगी हुई है और इस कड़ी में बैंकों ने भी उसका साथ देना शुरू कर दिया है। निजी क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़ बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC बैंक ) ने कैशलैस ट्रांजेक्‍शन बढ़ाने के लिए बैंक से पैसे निकालने पर शुल्‍क बढ़ा दिया है।

HDFC बैंक से 4 बार से अधिक कैश निकालने पर 150 की फीस अदा करनी होगी। बैंक के मुताबिक यह नकद लेन-देन से लोगों को हतोत्साहित करने का एक प्रयास है। सरकार नोटबंदी के बाद लोगों को नकद-रहित और डिजिटल लेन-देन के लिये प्रोत्साहित कर रही है। इस लिहाज से बैंक का यह कदम महत्वपूर्ण है।

HDFC बैंक ने उठाए कदम...

- बैंक ने कहा कि एचडीएफसी बैंक ने 1 मार्च से कुछ ट्रांजैक्शन पर फी बढ़ाने का फैसला किया है।

- साथ अन्य मामलों में नकदी की सीमा तय करने और कुछ ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने का निर्णय किया है।

- बैंक की वेबसाइट के अनुसार थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन प्रति दिन 25,000 रुपए की सीमा तय की है।

- साथ ही शाखाओं में फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या पांच से कम कर चार कर दी और नॉन-फ्री ट्रांजैक्शन के लिए फी भी 50 फीसदी बढ़ाकर 150 रुपये कर दी है।

- इससे पहले प्रतिदिन निकासी और जमा दोनों में 50,000 रु. के कैश ट्रांजैक्शन की अनुमति थी।

- नई फी पॉलिसी सिर्फ सैलरी और सेविंग्स अकाउंट्स के लिए लागू होगी।

- बैंक ने होम ब्रांचेज में भी फ्री कैश ट्रांजैक्शन दो लाख रुपये पर सीमित कर दिया है। इसमें जमा और निकासी शामिल हैं।

- इसके ऊपर ग्राहकों को न्यूनतम 150 रुपये या पांच रुपये प्रति हजार का भुगतान करना होगा।

- वहीं, दूसरी शाखाओं में मुफ्त लेन-देन 25,000 रुपये है। उसके बाद शुल्क उसी स्तर पर लागू होगा।

अन्य बैंकों ने भी बढ़ाए ये शुल्क...

- आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट पर भी होम ब्रांचेज में चार से ज्यादा कैश ट्रांजैक्शंज (जमा और निकासियों) पर कम-से-कम 150 रुपए चार्ज किया जाएगा।

- ऐक्सिस बैंक भी एक लाख रुपये प्रति महीने से ऊपर के जमा पर या पांचवीं निकासी से 150 रुपए या प्रति हजार रुपए 5 रुपए चार्ज करने लगा है।