खुशखबरीः रिजर्व बैंक ने एटीएएम ट्रांजेक्शन किये फ्री, अवैध वसूली पर बैंकों को लगाई लताड़

 न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (7 सितंबर): तकनीति कारण से एटीएम से पैसे न निकलने पर भी ट्रांजेक्शन शुल्क बसलूने वाले बैंकों को आरबीआई  ने कड़ी फटकार लगाई है। आरबीआई ने कहा है कि उपभोक्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त के काबिल नहीं होगा। दरअसल, बैंक अपने सेविंग अकाउंट के ग्राहकों को हर महीने एटीएम से कुछ फ्री ट्रांजैक्शन की अनुमति देते हैं, जिसके बाद वे चार्ज वसूलते हैं।  भारतीय रिजर्व बैंक  ने एटीएम से उन ट्रांजैक्शंस की सूची को स्पष्ट किया है, जिनपर बैंक चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। आरबीआई ने 14 अगस्त को एक नोटिफिकेशन में कहा था, 'हमारे संज्ञान में यह बात आई है कि तकनीकी कारणों या एटीएम में नकदी न होने के बावजूद बैंक ऐसे ट्रांजैक्शन को फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की गिनती में गिन लेते हैं।'

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि वैसे एटीएम ट्रांजैक्शंस जो तकनीकी कारणों जैसे हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, कम्युनिकेशंस संबंधी मुद्दों के कारण फेल हों जाएंगे, उन्हें वेलिड एटीएम ट्रांजैक्शंस नहीं माना जाएगा। बैंक इन फेल एटीएम ट्रांजैक्शंस पर चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। इनवेलिड ट्रांजैक्शंस का मतलब है कि उन्हें बैंक द्वारा मिले फ्री ट्रांजैक्शंस की गिनती में नहीं गिना जाएगा।

अन्य एटीएम ट्रांजैक्शंस जो नकदी नहीं होने, इनवेलिड पिन/वेलिडेशंस या बैंक या सेवा प्रदाता द्वारा अस्वीकार कर दिए जाएंगे, उन्हें वेलिड ट्रांजैक्शंस नहीं माना जाएगा और बैंक इसपर चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। एटीएम से नॉन कैश विदड्रॉल जैसे बैलेंस इन्क्वायरी, चेक बुक रिक्वेस्ट, टैक्स पेमेंट और फंड ट्रांसफर को भी फ्री एटीएम ट्रांजैक्शंस की गिनती में नहीं गिना जा सकेगा। आरबीआई की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2019 के अंत तक देश में एटीएम की कुल संख्या 2.22 लाख थी, जबकि पिछले साल यह संख्या 2.21 लाख थी।

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