सिर्फ इन ATM से निकाले पैसे, नहीं होगा धोखा

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 दिसंबर): अगर आप एटीएम से अक्सर पैसे निकालते हैं और आपको यह डर लगा होता है कि कहीं आपके साथ किसी तरह की कोई धोखाधड़ी ना हो जाए तो यह खबर जानना आपके लिए बहुत ही जरूरी है। अगली बार जब आप एटीएम से पैसा निकालने जाएं तो इस बात का जरूर ध्‍यान रखें कि उसमें एंटी स्किमिंग तकनीक लगी है या नहीं। जिन एटीएम में यह तकनीक लगी है, उनमें ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी होना लगभग नामुमकिन है।

स्‍टेट बैंक, पीएनबी, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि ने इस तकनीक को अपने-अपने ATM में इंस्‍टाल करना शुरू कर दिया है। बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सर्कुलर आने के बाद 2019 तक अपने सभी एटीएम को इस तकनीक से लैस करने का लक्ष्‍य रखा है। पीएनबी ने मार्च 2019 तक अपने ज्यादातर एटीएम को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा है। पीएनबी के मुताबिक बैंक मौजूदा एटीएम निर्माताओं से ही नई एंटी-स्किमिंग तकनीक ले रहा है। हालांकि 2017 के बाद स्थापित अधिकांश एटीएम मशीनों में पहले से ही यह तकनीक मौजूद है। पीएनबी के देश भर में लगभग 9,500 एटीएम हैं, जिन्हें अगले वर्ष तक सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मैग्‍नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड से ज्‍यादा खतराजो ग्राहक इस वक्‍त भी मैग्‍नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड इस्‍तेमाल कर रहे हैं, उन्‍हें सबसे ज्‍यादा स्किमिंग का खतरा है। इसे तुरंत चिप आधारित कार्ड में बदल लें। चिप-आधारित कार्डों को आसानी से क्लोन नहीं किया जा सकता। बैंक को कुछ सावधानी बरतने के बारे में भी सुझाव देने चाहिए, जिससे ग्राहक सुरक्षित लेनदेन कर सकें।

ऐसे बचें धोखाधड़ी से

- पैसे निकालने से पहले यह सुनिश्चित करें कि ट्रांजक्शन की पूरी प्रक्रिया के वक्त कोई अन्य व्यक्ति एटीएम के अंदर न हो

- ध्यान दें कि एटीएम में कार्ड रीडर मशीन के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ हो और वह ढीला न हो

- कार्ड ढीले होने से लेन-देन अधूरा रह जाता है, तो ग्राहक उस ट्रांजक्शन को 'रद्द करें'

- बाहर निकलने से पहले होम स्क्रीन देखकर निकलें

आरबीआई के अनुसार, ग्राहकों को चिप-आधारित एटीएम कार्ड लेने की जरूरत है। जिन ग्राहकों ने चुंबकीय पट्टी कार्ड का उपयोग करना जारी रखा है, वे आसानी से कार्ड क्लोनिंग या एटीएम धोखाधड़ी का शिकार होंगे।