बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें, इन 4 शहरों के ऐसे खातों पर सरकार की नजर

नई दिल्ली (4 दिसंबर): नोटबंदी के बाद आयकर विभाग जहां कालेधन वालों के अकाउंट पर नज़र रख रहा है, वहीं जनधन अकाउंट की भी पड़ताल कर रहा है। आयकर विभाग को जनधन खातों में एक करोड़ चौंसठ लाख रुपये की अघोषित आय का पता लगा है, वो भी सिर्फ चार कोलकाता, वाराणसी, आरा और मिदानापुर शहरों में।

जी हां, नोटबंदी के बाद अचानक जनधन खातों में जमा हुई अपार दौलत के बाद आयकर विभाग हरकत में आ गया है। करीब आधा दर्जन शहरों के जनधन खातों पर आयकर विभाग की नजर है। अगर आप का जनधन खाता है और उसमें सीमा से ज़्यादा रकम जमा हुई है या फिर जमा कराई गई है तो आपके लिए खतरे की घंटी है।

नोटबंदी के बाद जनधन खातों में संदिग्ध तौर पर अचानक नकदी जमा कराए जाने की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद विभाग ने देशभर में ऐसे खातों की गहन जांच पड़ताल की है। इस पड़ताल में पता चला है कि इन खातों में 1.64 करोड़ रुपये की अघोषित आय जमा हुए हैं।

जिन जगहों पर जनधन खाते में अचानक पैसा जाम हुए हैं उनमें मिदनापुर (कोलकाता), आरा (बिहार), कोच्चि और वाराणसी हैं। इन जगहों पर ऐसे बैंक खातों में नकदी जमा किये जाने की संदिग्ध गतिविधि का पता चला है। अधिकारियों के अनुसार करीब आधा दर्जन शहरों के जनधन खातों पर विभाग की कड़ी नज़र हैं यानि जिन जनधन खातों में सीमा से ज़्यादा पैसे जमा हुए हैं उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खुद प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने आगाह किया था कि जनधन खाता धारक दूसरों का पैसे अपने अकाउंट में ना डालें।

आयकर विभाग के लिए नीति बनाने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानि सीबीडीटी ने एक बयान में बताया, ''बिहार में ऐसे एक खाते से 40 लाख रुपये जब्त किए गए हैं, जबकि ऐसे खातों में जमा करने की सीमा 50,000 रुपये है। करीब 1.64 करोड़ रुपये की अघोषित राशि जनधन खातों में जमा कराई गई। ये उन लोगों के खातों में आई है जो कि कर योग्य सीमा से कम आय की वजह से आयकर रिटर्न जमा नहीं करते हैं। जनधन खातों में ये राशि कोलकाता, मिदनापुर, आरा, कोच्चि और वाराणसी में पकड़ी गई'

सीबीडीटी के मुताबिक पकड़ी गई अघोषित आय पर आयकर कानून 1961 के मुताबिक टैक्स वसूला जाएगा और जांच के बाद कार्रवाई भी हो सकती है। 23 नवंबर तक के आंकड़े के अनुसार आठ नवंबर के बाद जनधन खातों में 21,000 करोड़ रुपये की ज़्यादा राशि जमा कराई गई है।