बांग्लादेश: जमात-ए-इस्लामी मुखिया को सेंट्रल जेल भेजा गया, जल्द होगी फांसी

नई दिल्ली (10 मई): बांग्लादेश की कट्टरपंथी संस्था 'जमात-ए-इस्लामी' के मुखिया मोतिउर रहमान निज़ामी को उपनगरीय जेल से ढाका सेन्ट्रल जेल भेज दिया गया है। इस तरह उनकी फांसी की सजा की तामील पर उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उनके मृत्युदंड की पुष्टि करते हुए पूर्ण आदेश जारी किया था। निजामी 1971 के युद्ध अपराधों में अभियुक्त करार दिए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के एक प्रवक्ता ने बताया, "प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा और पीठ के तीन अन्य न्यायाधीशों ने उसकी (निजामी की) पुनर्विचार याचिका ठुकराने वाले फैसले पर हस्ताक्षर कर दिए। फैसले की पूरी प्रति जारी की है।" उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) को भेजा गया है। जिसने मृत्युदंड सुनाया था। 

निचली अदालत ने दस्तावेजों , संबंधित कार्रवाई के लिए ढाका के जिला मजिस्ट्रेट और जेल विभाग को भेजा। 73 वर्षीय दोषी को उपनगरीय जेल से केंद्रीय जेल भेजे जाने के कुछ घंटे बाद पूर्ण आदेश जारी किया गया। जिसका मतलब है कि जल्द ही फांसी दी जाएगी।