''गैर-मुसलमानों की हत्या इस्लाम में हराम''

ढाका (15 जून): बांग्लादेश में हिंदू पर हो रहे अत्याचार के बाद मुस्लिम धर्मगुरूओं ने मानव कल्याण की शांति के लिए आतंकवाद के खिलाफ एक फतवे पर हस्ताक्षर किये हैं। फतवे में धर्मगुरूओं ने अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्ष लेखकों पर इस्लामवादियों के सिलसिलेवार हमलों की निंदा करते हुए कहा की गैर-मुसलमानों की हत्या इस्लाम में हराम है।

इस फतवे में 100,000 से अधिक धर्मगुरूओं ने हस्ताक्षर किये हैं। इस्लामी विद्वानों, नेताओं, विचारकों और उलेमाओं ने इस फतवे को अंतिम रूप दिया है। साथ ही 18 जून को सार्वजनिक करने का भी ऐलान किया है। फतवे के मुख्य भाग में कुरान तथा हदीस का हवाला देते हुए उन 10 सवालों के जवाब दिए हैं जिनको आतंकवादी संगठन उठा रहे हैं।

जमात-ए-उलेमा मौलाना के महासचिव फरीउद्दीन मसूद ऐसे पहले व्यक्ति थे जो आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए फतवे का इस्तेमाल का विचार लेकर आए थे और उन्होंने पुलिस तथा अन्य से सहायता मांगी थी।