सांप और चूहे को जिंदा पकड़ने में माहिर है यह इकलौता शख्स

बेंगलुरु (5 फरवरी): बेंगलुरु और आसपास के इलाके में कहीं भी अगर चूहा और सांप मुश्किलें पैदा करता है तो तमाम लोग 60 साल के एरेना को याद करते हैं। बताया जा रहा है इस इलाके में जूहा और सांप पकड़े वाले नहीं के बराबर बचे हैं।

एरेना कभी स्कूल नहीं गए। उन्होंने ये कला अपने पिता और दादा से सीखा था। एरेना अबतक हजारों चूहें पकड़ चुके हैं। और उनका दावा है कि वो चूहे का बिल देखकर ही चूहे की प्रजाति पहचान जाते हैं। एरेना का कहना है कि उनके मरने के बाद यह कला भी लुप्त हो जाएगी। वह नई पीढ़ी को इसे सिखाना नहीं चाहते क्योंकि इसमें आर्थिक तंगी बनी ही रहती है। उनके खुद के पांचों बच्चे बेंगलुरु में काम करते हैं। एरेना के मुताबिक तकनीक के इस जमाने में इस कला के लिए कोई स्थान नहीं बचा है।

हालांकि पिछले दिनों सांप पकड़ने के लिए तमिलनाडु के इरुला जनजाति के 2 लोगों को लाखों रुपये देकर बुलाया गया था। वॉशिंगटन पोस्ट की खबर के मुताबिक उनलोगों ने दो सप्ताह से कम समय में 13 सांप पकड़ लिए।