दो जून की रोटी के लिए तरस रही है दस्यू सुंदरी से सांसद बनी फूलन देवी की मां

नई दिल्ली (24 फरवरी): चंबल के बीहड़ों से निकल कर लोकतंत्र के मंदिर तक पहुंचने वाली फूलन देवी की माँ मुला देवी आज दो जून की रोटी तक को मोहताज है। फूलन की मां की हालत भुखमरी की कगार पर पहुँच गई है। ग़रीबी और भुखमरी को लेकर फूलन की माँ कहती हैं कि, "अगर आज हम जिंदा हैं तो ये उन लोगों की कृपा है जो हमारी हालत देख कर खाने का इंतजाम कर गए हैं। फूलन की बहन रामकली अपना कोई घर नहीं है वो अपनी माँ के साथ एक झोपड़े में रहती हैं।

 रामकली कहती हैं, "हमारे पास दो वक़्त खाने का इंतज़ाम भी नहीं है न रहने के लिए कोई जगह है। जो आता है उसके आगे हाथ फैला देती है। फूलन देवी की माँ कहती है कि जब मेरी बेटी की एक आवाज़ पर हजारों भूखों के घर अन्न पहुँच जाता था और आज हमारी हालत दरिद्र जैसी हो गई है। फूलन की माँ मुला देवी उन दिनों को याद करते हुए कहती हैं कि, "जब फूलन मिर्जापुर से चुनाव लड़ कर सांसद बनी थी तो उसने वहीं के लिए सब कुछ किया। हमारे लिए कुछ नहीं कर गई।"