पाक-चीन के खिलाफ बलूचों में आक्रोश, UN दफ्तर के बाहर किया प्रदर्शन

जिनेवा (13 मार्च): बलूचिस्तान में पाकिस्तान लगातार दमनकारी नीति अपना रहा है। आलम ये है पाकिस्तान की दमनकारी नीति के खिलाफ बलूचिस्तान के लोग न सिर्फ वहां सड़कों पर उतर आए हैं। बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेपर्दा कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज बलूचिस्तान के लोगों ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर के बाहर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया।

बलूच प्रदर्शनकारियों ने इलाके में पाकिस्तान की ओर से स्थानीय लोगों के उत्पीड़न और चीन की ओर परियोजनाओं की स्थापना का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान में मानवाधिकर के उल्लंघनों पर नजर रखने के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मेहरान मर्री ने कहा, 'चीन को यह समझना चाहिए कि पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ भी दोस्ती नहीं निभाई। पाक से दोस्ती में उसकी ही अंगुलियों के जलने का खतरा है।'

इन लोगों का आरोप है कि पिछले 4 से 5 महीनों में बलूचिस्तान में हालात बद से बदतर हो गई है। पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियां हमारे बच्चों और महिलाओं का अपहरण तक कर रही हैं।

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, जब बलूचिस्तान के प्रदर्शनकारियें ने संयुक्त राष्ट्र दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया है। इससे पहले बीते साल 15 अगस्त के मौके पर पीएम मोदी के संबोधन में बलूचिस्तान में पाक की ओर से अमानवीयता के मुद्दे को उठाए जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन किया था। यही नहीं इन ऐक्टिविस्ट्स की ओर से मामले को उठाए जाने पर शुक्रिया भी कहा था।