कनाडा में चीनी कॉंस्युलेट के सामने बलूचियों का प्रदर्शन

नई दिल्ली (16 अक्टूबर): बलूच और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कनाडा के वेंकुवर में चीन के कॉन्सुलेट जनरल के ऑफिस के सामने 3 दिनों तक मौन विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मकसद चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर की घोषणा के बाद से बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन के बढ़ते मामलों पर ध्यान दिलाना था।

बलूच कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस विरोध-प्रदर्शन के जरिए हमने अपने लोगों की चिंताओं को कनाडा की आम जनता, नीति निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर में लाने की कोशिश की है। विरोध प्रदर्शन में कई स्थानीय लोग खासकर छात्रों ने भी हिस्सा लिया और बलूचिस्तान के लोगों के प्रति अपनी सहानुभूति दिखाया।

आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले स्थानीय लोग तब चौंक गए जब उन्हें पाकिस्तान द्वारा 'बलूचों के नरसंहार' में चीन की भूमिका का पता चला। गौरतलब है कि चीन ने पाकिस्तान में सीपेक के लिए 46 अरब डॉलर का भारी भरकम निवेश किया है। चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा बलूचिस्तान में है। सीपेक के जरिए चीन बलूचिस्तान स्थित ग्वादर बंदरगाह तक अपनी सीधी पहुंच बना रहा है।