यूपी में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, अवैध शराब पर सजा-ए-मौत

नई दिल्ली (20 सितंबर): यूपी में भाजपा सरकार के छह महीने पूरे होने पर राज्य के 12 लाख कर्मचारियों को को सौगात दी गई। योगी सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान को मंजूरी दे दी। ये बैठक लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई। गौरतलब है कि राज्य वेतन समिति ने सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां एक जनवरी 2016 से लागू करने निर्णय लिया था। लेकिन इसका नकद भुगतान जनवरी 2017 से शुरू हो सका था। कर्मचारियों को जनवरी 2016 से दिसंबर 2016 तक के एरियर का भुगतान होना है, जिस पर सरकार ने फैसला ले लिया।

इसके अलावा बैठक में प्रदेश की आबकारी नीति पर भी फैसला लिया गया। अब अवैध शराब का कारोबार करने पर मृत्युदंड और आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी। कहा जा रहा है कि सरकार ने ये फैसला जहरीली शराब से होने वाली मौतों को देखते हुए लिया है।

इसके अलावा, यूपी में अवैध शराब के कारण मौत होने पर अब अभियुक्तों को सजाए मौत की भी सजा दी जा सकेगी। इसके लिए सरकार ने आबकारी एक्ट 1910 में संशोधन किया है। साथ ही एक्ट में एक नई धारा जोड़ी गई है। कैबिनेट की बैठक में आबकारी एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दे दी गई।