चाय बेंचकर बेटे को बना रहें ह‍ैं बैडमिंटन खिलाड़ी

अजीत सिंह, गोरखपुर (3 सितंबर): बैडमिंटन के खेल में हम सभी प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, सायना नेहवाल या फिर पीवी सिंधू का नाम जानते हैं। पर आज भी देश के दूरदराज इलाकों में दर्जनों ऐसी प्रतिभायें हैं जो सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रही हैं।

कुछ ऐसे भी जियाले हैं, जिनको कुछ कर गुजरने की जिद है और विपरीत परिस्थितयों में भी वह अपने जुनून को जिंदा रखे हुए हैं। गोरखपुर में एक पार्क में चाय तथा सिगरेट की दुकान चलाने वाले शाद मुहम्‍मद का बेटा इस समय राष्‍ट्रीय स्‍तर पर बैडमिंटन के क्षेत्र में गोरखपुर का नाम रौशन कर रहा है।

हालांकि उसकी खेल प्रतिभा को देखकर उसे राष्‍ट्रपति द्वारा भी सम्‍मानित किया जा चुका है, पर आज आलम यह है कि इस खेल में इसकी जरूरतें पूरा करने के लिए इसे तथा इसके माता-पिता को रात-दिन मेहनत करनी पड़ती है। अपने बेटे के शौक को पूरा करने के लिये इन्‍होंने अपनी बेटी तथा छोटे-बेटे के भविष्‍य को भी दांव पर लगा दिया है और पूरा परिवार चाय बेंचकर बेटे का भविष्‍य बनाने की कोशिश कर रहा है।