अफगानी सैनिकों के खिलाफ 'बच्चा बाजी' तालिबान का अचूक हथियार

नई दिल्ली (19 फरवरी): दक्षिणी अफगानिस्तान में पुलिस पर हमला करने के लिए तालिबान सेक्स स्लेव्स (बच्चों) का इस्तेमाल कर रहा है। इस बाल शोषण को 'बच्चा बाजी' के नाम से जाना जाता है, जिसमें कम उम्र के खूबसूरत लड़के सुरक्षा बलों के खेमों में घुसपैठ करते हैं। सैनिकों को लुभाते हैं और फिर मौका मिलते ही उनका काम-तमाम कर देते हैं।यह पुरानी प्रथा पूरे अफगानिस्तान में प्रचलित है, लेकिन यह उरुजगान प्रांत में सबसे ज्यादा दिखाई देती है।

दक्षिणी अफगान प्रांत के सुरक्षा और न्यायिक अधिकारियों के मुताबिक, तालिबान ने लगभग 2 साल तक ट्रोजन हॉर्स हमले में इसका इस्तेमाल किया है। उन्होंने जनवरी में कम से कम 6 और अप्रैल में एक हमले में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। उरुजगान के पुलिस प्रमुख रहे गुलाम शेख रोग़ लेवनई ने बताया कि चौकियों में घुसपैठ, हत्या और पुलिसकर्मियों को जहर देने के लिए तालिबान खूबसूरत लड़कों को भेज रहा है। बढ़ती हिंसा के बीच अप्रैल में हुये फेरबदल में लेवनई का तबादला कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने पुलिस बलों की बड़ी कमजोरी 'बच्चा बाजी' को उजागर किया था।