मंदिर के नाम पर कथित भड़काऊ बयानबाजी पर प्रतिक्रिया ना दें मुसलमान: बाबरी एक्शन कमेटी



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (25 दिसंबर): अयोध्या मामले की उच्चतम न्यायालय में सुनवाई शुरू होने से पहले मंगलवार को यहां बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (बीएमएसी) की एक अहम बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि मुसलमान मंदिर के नाम पर कथित भड़काऊ बयानबाजी पर कोई प्रतिक्रिया ना दें।




कमेटी के संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता जफरयाब जीलानी ने ‘भाषा‘ को बताया कि उत्तर प्रदेश बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी की बैठक में करीब आठ माह पहले हुई बैठक के बाद से अब तक हुए घटनाक्रमों जैसे कि बाबरी मस्जिद से जुड़े तमाम मुकदमों के बारे में, हाल में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित धर्म सभा और धर्म संसद कार्यक्रमों में की गयी कथित भड़काऊ बयानबाजी और मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश लाये जाने की आशंकाओं के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अदालती कार्यवाही पर संतोष जाहिर किया गया।




उन्होंने बताया कि बैठक में सभी सदस्यों की एक राय थी कि मंदिर के नाम पर जो बयानबाजी हो रही है, उस पर कोई प्रतिक्रिया ना दी जाए। अगर कोई भड़काऊ बात कही जाए तो मुसलमान कोई उत्तेजनापूर्ण प्रतिक्रिया न दें ताकि जो लोग धार्मिक भावनाएं भड़काकर वोटों का धुव्रीकरण करना चाहते हैं, उनके मंसूबे कामयाब नहीं हों।





जीलानी के मुताबिक इसके लिये कार्ययोजना तय की गयी है कि ज्यादा से ज्यादा मुसलमानों तक यह बात पहुंचायी जाए कि मंदिर मामले को लेकर अभी तक उनका रवैया संतोषजनक रहा है और आगे भी वह इसी तरह धैर्य से काम लें।




बैठक में यह भी राय बनी कि जैसा कि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तय कर चुका है कि अगर मंदिर निर्माण के लिये संसद में कोई अध्यादेश लाया जाएगा तो उसको उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उम्मीद है कि न्यायालय अंतिम फैसला आने तक विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखेगा। बैठक में करीब 70 सदस्यों ने हिस्सा लिया।