मेरठ में ईवीएम की हिफाज़त कर रहे लंगूरों के मालिक की हत्या!

नई दिल्ली (17 फरवरी): यूपी के मेरठ में 7 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के बाद ईवीएम मशीनों को मेरठ के परतापुर स्थित कताई मिल में बने कमरो में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। ईवीएम मशीनों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की एक टीम को लगाया गया है और साथ ही मिल में बंदरो को घुसने से रोकने के लिए 2 लंगूरों को भी लगाया गया है। लंगूरों को बंदरो के आंतक से बचाने के लिए लगाया था। लेकिन, न तो लंगूर है और न ही उसका मालिक। दरअसल, गुरुवार को लंगूर मालिक का शव मिला है और उसका एक लंगूर भी गायब है। गुरुवार को दोपहर के वक्त अचानक से लंगूर का मालिक किशनलाल लापता हो गया और उसे पूरे कताई मिल परिसर में खोजा गया। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। वहीं, एक लंगूर भी गायब है।

 इसकी सूचना मिलते ही कार्यवाहक जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख, एडीएम सिटी मुकेश चंद, एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी भारी पुलिस फोर्स के साथ कताई मिल पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी। घंटों की मशक्कत के बाद लंगूर मालिक किशनलाल का शव कताई मिल परिसर में बने एक गढ्ढे में मिला।चौकाने वाली बात ये है कि शव नग्न अवस्था में गढ्ढे से निकाला गया है। परतापुर कताई मिल में ईवीएम रखीं गईं हैं और उनकी सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवानों, पुलिस और पीएसी को भी लगाया गया है। यहां बंदरों का आतंक रहता है और इसलिए मेरठ मेडिकल इलाके के कालियागढ़ी के रहने वाले किशनलाल को दो लंगूरों के साथ यहां तैनात किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही कई राजनीतिक दलों के नेता भी वहां पहुंचे और ज़िला निर्वाचन अधिकारियों पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाया। वहीं कार्यवाहक जिला निर्वाचन अधिकारी ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दे दिए हैं।