बिन बीवी, बिन खाता नहीं देते वीजा, अमेरिका ने कहा था बाबा रामदेव से

नई दिल्ली ( 22 अक्टूबर ) : हमेशा अपने बयानों और पतंजलि प्रोडक्ट्स को लेकर चर्चा में रहने वाले योगगुरु और पतंजलि ग्रुप के प्रमुख बाबा रामदेव ने आज एक बड़ा खुलासा किया। योगगुरु ने कहा, एक बार अमेरिका ने उनको वीजा देने से मना कर दिया था। अमेरिका ने रामदेव के अविवाहित होने और बैंक खाता न होने का हवाला देते हुए वीजा देने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में जब उन्हें यूनाइटेड नेशन को संबोधित करने जाना था तो उनको 10 साल का वीजा मिला। यूएन का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।

बाबा रामदेव मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार से शुरू हुई दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि कैसे पहले उन्हें वीजा देने से मना कर दिया गया उसके बाद वीजा का ऑफर दिया गया। उन्होंने कहा, जब पहली बार मैंने वीजा के लिए आवेदन किया था तो मुझे वीजा नहीं दिया गया। मैंने उनसे वीजा न मिलने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा, बाबाजी आपके पास बैंक अकाउंट नहीं है और आप अविवाहित भी हैं। उन्होंने बताया कि अभी भी उनके पास कोई खाता नहीं है।

हालांकि रामदेव ने यह नहीं बताया कि उन्होंने किस साल वीजा के लिए आवेदन किया था। रामदेव ने कहा, उन्होंने मुझे खुद से यूएन के एक प्रोग्राम के लिए बुलाया और 10 साल का वीजा दिया। उन्होंने बताया कि अध्यात्मिक गुरु ग्लोबल सिटिजन होते हैं। रामदेव ने कहा कि उनसे वित्त मंत्री ने पूछा था कि आप यहां किस हैसियत से आएंगे तो उन्होंने कहा कि, मैं यहां एक ग्लोबल सिटिजन के तौर पर आया हूं।

रामदेव ने अपनी कंपनी पतंजलि के बारे में बोलते हुए भरोसा जताया कि अगले वित्तीय वर्ष में इस समूह के कारोबार में 200 प्रतिशत की भारी वृद्धि होगी। जिस वक्त रामदेव बोल रहे थे उस वक्त मंच पर सीएम शिवराज सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, अनिल अंबानी और गोपीचंद आहूजा सहित कई सारे उद्योगपति मौजूद थे।