कभी राजनीतिक ओहदा नहीं लूंगा, यह मेरी भीष्म प्रतिज्ञा है: बाबा रामदेव

नई दिल्ली ( 7 फरवरी ): अपने जीवन पर आधारित टीवी सीरियल को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। योग गुरु बाबा रामदेव ने खुद से जुड़े कई पहलुओं को उजागर किया। स्वामी रामदेव ने कहा कि उनका बचपन संघर्षों और मुश्किलों में बीता है, इतना ही नहीं उन्होंने सात बार मौत को भी करीब से देखा है। ये सब कहानियां उन्हें टीवी सीरियल के माध्यम से देखने को मिलेंगी।

उन्होंने आगे बताया, 'हरिद्वार पहुंचने पर मेरा साथ षडयंत्र हुआ कि एक बार 50 से ज्यादा लोगों ने मुझे घेर लिया था। मेरी मौत का पूरा इंतजाम था लेकिन मैं बच गया।' 

अपने जीवन के बारे में बात करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा, 'मैंने हर विरोध और तिरस्कार को अपनी ताकत बनाया। मेरे सफर में मेरे गुरु आचार्य वार्ष्णेय हमेशा साथ रहे।' रामदेव ने कहा कि वह अनपढ़ माता-पिता के बेटे हैं और पैदल चलकर सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते थे। 

वहीं राजनीति में आने के सवाल पर रामदेव ने कहा, 'राजनीति मेरे लिए राष्ट्रधर्म है लेकिन मैं कभी भी कोई राजनीतिक ओहदा नहीं लूंगा, यह मेरी भीष्म प्रतिज्ञा है। मेरा देश सुरक्षित रहे, यह मैं अवश्य चाहूंगा। कुछ हासिल करने का मेरा कोई मकसद नहीं है।' 

स्वामी रामदेव ने कहा, 'जीते जी अपनी कहानियों को दिखाना एक और संघर्ष को बुलावा देना है लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।' उन्होंने कहा, 'मैं एक ठेठ देसी और शुद्ध संन्यासी हूं। मैंने हमेशा धारा के विरुद्ध अपनी जीवन यात्रा को आगे बढ़ाया है। सामाजिक दृष्टि से मुझे बहुत देर बाद अंदाजा हुआ कि मैं एक पिछड़े परिवार से आता हूं।'