रामदेव लिखेंगे आत्मकथा, बताएंगे कैसे बने गुरु

 

नई दिल्ली ( 14 अक्टूबर ) : योग गुरु बाबा रामदेव के जीवन पर बहुत लोगों ने कुछ न कुछ लिखा है, लेकिन योग गुरु एक मैगज़ीन के पत्रकार के साथ मिलकर स्वयं अपनी आत्मकथा लिखने जा रहे हैं। योग गुरु से राजनीति तक बाबा रामदेव की यात्रा काफी दिलचस्प रही है। भारत ही नहीं विश्व में भी योग को प्रचारित प्रसारित करने के मामले में रामदेव प्रमुख चेहरा रहे हैं। यही नहीं बाबा रामदेव अपने पतंजलि उत्पादों के जरिए भारत में ‘स्वदेशी’ अभियान के अगुवा बनकर उभरे हैं।

वैसे तो योग गुरु रामदेव के जीवन पर बहुत लोगों ने कुछ न कुछ लिखा है, लेकिन बाबा मैगजीन के पत्रकार के साथ मिलकर स्वयं अपनी आत्मकथा लिखने जा रहे हैं। इस बुक का नाम होगा ‘बीइंग बाबा रामदेव’ जो अगले साल प्रकाशित हो सकती है। बाबा रामदेव की आत्मकथा प्रोजेक्ट के बारे में बुक के पब्लिशर ‘पेंगुइन बुक्स इंडिया’ ने स्वयं खुलासा किया है।

अपने आयुर्वेदिक ब्रांड ‘पतंजलि’ के उत्पादों से बाजार में भी धाक जमाने वाले रामदेव का विवादों से भी चोली दामन का साथ रहा है। चाहे वह 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के विरुद्ध धरने पर बैठना हो, पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए महिलाओं के वस्त्र पहनना हो या ‘भारत माता की जय’ न बोलने वालों का सर धड़ से अलग कर देने वाला बयान हो, रामदेव सुर्खियों में बने रहते हैं।

रामदेव की आत्मकथा के आधिकारिक प्रकाशक के मुताबिक 50 वर्षीय योग गुरु कहते हैं, ‘मीडिया के बहुत से लोगों द्वारा मेरे जीवन के बारे में लिखा जाता रहा है। अब मैं अपनी आत्मकथा में खुद अपने जीवन की कहानी लोगों से साझा करूंगा और पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इसे प्रकाशित करेगा। 

रामदेव की आत्मकथा उनके जीवन यात्रा के बारे में पाठकों को कुछ अनछुए पहलुओं से परिचित कराएगी। इस किताब में बाबा रामदेव के योग गुरु बनने से पतंजलि ब्रांड तक सफर तक की यात्रा के बारे में बताया जाएगा।