पहली बार अंबेडकर जयंती मनाएगा संयुक्त राष्ट्र

नई दिल्ली (9 अप्रैल): संयुक्त राष्ट्र (यूएन) पहली बार भारत के संविधान निर्माता और दलित अधिकारों के कार्यकर्ता भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाएगा। यह कदम सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में आने वाली असमानता की समस्या से निपटने के लिए उठाया जाएगा। 

'इकॉनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, कल्पना सरोज फाउंडेशन और फाउंडेशन फॉर ह्यूमन हॉरिजोन के सहयोग से भारत का स्थाई मिशन 13 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंबेडकर की 125वीं जयंती का आयोजन करेंगे। यह आयोजन उनके जन्मदिवस के एक दिन पहले किया जाएगा। 

इस अवसर पर एक पैनल डिस्कशन भी किया जाएगा। जिसका विषय 'सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में असमानताओं से सामना' रखा गया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सईद अकबरुद्दीन ने ट्वीट पर इसकी जानकारी दी। भारतीय मिशन की तरफ से एक नोट सर्कुलेट किया गया है। जिसमें कहा गया है, कि संयुक्त राष्ट्र भारत के "नेशनल आइकन", बाबासाहेब की 125वीं जयंती मना रहा है। जो दुनिया भर में समानता और समाजिक न्याय के समर्थकों और करोड़ों भारतीयों के लिए एक प्रेरणा बने हुए हैं।

बता दें, अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। 1956 में उनका निधन हुआ। मरणोपरांत 1990 में उन्हें भारत का प्रतिष्ठित सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया।