मुसलमान सिर्फ कुरान को मानेगा, कोई कानून हमारे लिए मान्य नहींः आजम खान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर) : तीन तलाक विधेयक पर संसद में चल रही बहस के बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां का बयान सामने आया है। उन्होंने गुरुवार को रामपुर में कहा कि इस विधेयक से हिंदुस्तान के मुसलमानों का कोई ताल्लुक नहीं है। उन्होंने कहा, 'तलाक के मामले में हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया के मुसलमान कुरान के कानून को मानते हैं। मुसलमान कुरान और हदीस के मुताबिक चलता है। इसमें पूरी प्रक्रिया दी गई है। ऐसे में हमारे लिए कुरान के अलावा कोई कानून मान्य नहीं है।

आजम खान ने कहा, 'जो मुसलमान हैं, जो कुरान को मानते हैं, वे जानते हैं कि तलाक का पूरा प्रसीजर कुरान में दिया गया है। हमारे लिए उस प्रसीजर के अलावा कोई कानून मान्य नहीं है। सिर्फ कुरान का कानून ही मुसलमानों के लिए मान्य है।'साथ ही आजम खां ने कहा कि सरकार पहले उन महिलाओं को न्याय दिलाए, जिन्हें उनके शौहरों ने स्वीकार नहीं किया। उन्हें न्याय दिलाए जिन्हें गुजरात और अन्य जगह के दंगों में मार दिया गया था। तलाक के मामले में हिंदुस्तान के मुसलमान सिर्फ कुरान के कानून को मानते हैं।उन्होंने कहा कि जो लोग इस्लामिक शरह के ऐतबार के तहत तलाक नहीं लेते वो तलाक नहीं माना जाता। तलाक पर कानून बने या न बने, अल्लाह के कानून से बड़ा कोई कानून नहीं है। इस बारे में पर्सनल लॉ है। कौन किसी को कैसे तलाक देगा, यह हमारा मजहबी मामला है।बता दें की, लोकसभा में गुरुवार को तीन तलाक विधेयक पास हुआ। चर्चा शुरू होने से पहले ही विपक्षी पार्टियों ने सदन में हंगामा किया। बाद में शांति रही। सदन में दोनों पक्षों ने एक दूसरे की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए शब्दों के बाण चलाए। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का तीखा दौर चला। सत्ताधारी पार्टी ने अपने विरोधी से मुस्लिम महिलाओं के प्रति ‘दशकों तक अन्याय' को लेकर माफी की मांग की है वहीं विपक्षी दलों का आरोप है कि यह विधेयक 2019 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए जल्दबाजी में पारित किया गया। मुस्लिम समाज में एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाये गए ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक' को गुरुवार को लोकसभा की मंजूरी मिल गई।  सरकार ने उन दावों को खारिज किया कि इसका उद्देश्य एक खास समुदाय को निशाना बनाना है।