अयोध्या: शिवसेना ने पूछी तारीख तो VHP ने बताया आखिरी कोशिश, अखिलेश बोले- सेना हो तैनात

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 नवंबर ): अयोध्या राम मंदिर के निर्माण को लेकर सियासी घमासान जोरों पर है। मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने रविवार को जहां 'धर्मसभा' का आयोजन किया है, वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 'आर्शीवाद उत्सव' के लिए आज अयोध्या पहुंच रहे हैं। साधू-संतों के साथ-साथ भारी तादाद में लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। राम नगरी अयोध्या में 1992 के जैसे हालात न हों इसके लिए भारी तादाद में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।वहीं इस मुद्दों को लेकर बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार पर भारी दवाब है। उद्धव ठाकरे के लिए अयोध्या पहुंचने से पहले शिवसेना के नेता संजय राउत ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी तो कानून बनाने में कितना टाइम लगता है ? राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है। राज्यसभा में ऐसे बहुत सांसद हैं, जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे। जो विरोध करेगा, उसका देश में घूमना मुश्किल होगा।'    

वहीं संघ का कहना है कि अयोध्या में राममंदिर की प्रबल आकांक्षा है, इसलिए कार्यकर्ता हर हाल में अयोध्या पहुंचेंगे। इसके लिए सारी तैयारी हो चुकी है। मंदिर निर्माण ही देश की अपेक्षा की पूर्ति है। साथ ही वीएचपी अयोध्या में जल्द से जल्द राम मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार पर भारी दवाब बना रही है।

उधर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अयोध्या में सेना की तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और बीजेपी को ना तो सुप्रीम कोर्ट और ना ही संविधान में विश्वास है और वह अपने हित के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इसका ध्यान रखे और जरूरत हो तो अयोध्या में सेना की भी तैनाती की जाए। वहीं अखिलेश के इस बयान पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि मुझे नहीं लगता है कि वहां पर सेना की तैनाती की जरूरत है।

इनके सबके बीच योगी सरकार के सामने अयोध्या में कानून व्‍यवस्‍था को बनाए रखने की चुनौती है। अयोध्या रेलवे स्‍टेशन पर बड़ी संख्‍या में पुलिस बल तैनात हैं। इलाके में माहौल ना बिगड़े इसके लिए प्रशासन भी मुस्तैद है। रामनगरी को किले में तब्दील कर दिया गया है। अयोध्‍या में धारा 144 लगाई जा चुकी है। इलाके में पीएमसी की 48 कंपनी, आरएफ की 9 कंपनी, 30 एसपी, 350 उपनिरीक्षक, 175 हेड कॉन्स्टेबल, 1350 कॉन्स्टेबल, निगरानी के लिए 2 ड्रोन लगाए गए हैं। प्रशासन ने कस्बे को 7 जोन और 15 सेक्टरों में बांटा है।   शहर की करीब 50 स्‍कूलों में सुरक्षाबलों के कैंप लगाए गए हैं। आज अयोध्‍या में स्‍कूल-कॉले ज बंद कर दिया गया है। वहीं वहीं इलाके के लोग जरूरी सामान खरीदकर पहले से ही घर में रख रहे हैं। इलाके के लोगों को डर है कि कहीं 1992 जैसी घटना ना हो।