अयोध्या में गिराए जाएंगे 176 मंदिर

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न्यूज 24 ब्यूरो, अरविंद गुप्ता, अयोध्या (14 दिसंबर): भले ही मोदी सरकार को सत्ता में आए चार साल हो गए हैं, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर वह चुप है। जब भी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से इस बारे में पूछा जाता है कि मंदिर कब बनेगा तो वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बात कहते हैं। ऐसे में आरएसएस से लेकर तमाम हिंदु संगठन बीजेपी से नाराज दिख रहे हैं, लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर आई है जिससे से नाराजगी बीजेपी सरकार के लिए ओर भी ज्यादा बढ़ सकती है।

खबर के अनुसार, अयोध्या में 176 मंदिरों को गिराया जाएगा। अयोध्या के निगर निगम ने क्षेत्र के 176 जर्जर मंदिरों और भवनों के मालिक को नोटिस जारी करके आगाह किया है कि या तो वो इन खंडहर बन चुके मंदिरों को खुद गिरा दें, वरना निगम को खुद कार्रवाई करनी होगी और इसका खर्च भी भवन के मालिकों से ही वसूला जाएगा। धर्मनगरी अयोध्या का गौरव और पहचान उसके मंदिरों से है, लेकिन अब ऐसे मंदिरों का भविष्य खतरे में है जो बुरी तरह जर्जर हो चुके हैं। अयोध्या नगर निगम ने 176 मंदिरों को ढाहने का फरमान जारी किया है। इसके लिए जिला प्रशासन और निगम की ओर से अंतिम नोटिस भेज दिया गया है।

अयोध्या में शायद ही कोई ऐसी गली ऐसा मोहल्ला हो जहां मंदिर न हो। इनमें कई मंदिर प्राचीन होने के साथ-साथ बेहद पुराने और जर्जर हो चुके हैं पर इन्हीं मंदिरों से सैकड़ों साधु संतों की रोजी-रोटी भी चलती है। ऐसे में प्रशासन की नोटिस से इनमें गहरी नाराजगी है। साधु संतों की मांग है कि मंदिरों को गिराने के बजाए उनकी मरम्मत करवाई जाए और उन्हें संरक्षित किया जाए। इस पर नगर निगम जन सहयोग से कुछ मंदिरों का जीर्णोद्धार कराने पर विचार कर रहा है।

प्रशासन की ओर से बीच का रास्ता निकालने की कोशिश हो रही है पर कई मंदिर इतने जर्जर हो चुके हैं जिनकी मरम्मत भी मुश्किल है। ऐसे में सवाल है कि इन मंदिरों को गिराया जाएगा या इन्हें बचाने का कोई दूसरा तरीका निकाला जाएगा।