अयोध्या में 1992 जैसे हालात, ड्रोन से रखी जाएगी नजर !


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 नवंबर ): अयोध्या में सियासी पारा अपने चरम पर है। मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने रविवार को जहां 'धर्मसभा' का आयोजन किया है, वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 'आर्शीवाद उत्सव' के लिए आज अयोध्या पहुंच रहे हैं। VHP ने दावा किया है कि 'धर्मसभा' में एक लाख से ज़्यादा लोग शामिल होंगे। मंदिर निर्माण की मांग को लेकर दबाव की रणनीति के तहत उद्धव ठाकरे आज अयोध्‍या पहुंच रहे हैं और आज शाम सरयू नदी की आरती में शामिल होंगे। ठाकरे के साथ सरयू आरती में शामिल होने के लिए कई शिवसैनिक भी अयोध्‍या पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार को स्‍पेशल ट्रेन से करीब दो हजार शिवसैनिक अयोध्‍या आए। वहीं शनिवार को भी एक स्‍पेशल ट्रेन आएगी और इसमें भी शिवसैनिक सवार हैं। वीएचपी ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से ट्रेनों, बसों, ट्रैक्टर ट्रॉलियों और टैक्सियों के जरिए लोगों को 'धर्मसभा' के लिए बुलाना शुरू कर दिया है।
इनके सबके बीच योगी सरकार के सामने अयोध्या में कानून व्‍यवस्‍था को बनाए रखने की चुनौती है। अयोध्या रेलवे स्‍टेशन पर बड़ी संख्‍या में पुलिस बल तैनात हैं। इलाके में माहौल ना बिगड़े इसके लिए प्रशासन भी मुस्तैद है। रामनगरी को किले में तब्दील कर दिया गया है। अयोध्‍या में धारा 144 लगाई जा चुकी है। इलाके में पीएमसी की 48 कंपनी, आरएफ की 9 कंपनी, 30 एसपी, 350 उपनिरीक्षक, 175 हेड कॉन्स्टेबल, 1350 कॉन्स्टेबल, निगरानी के लिए 2 ड्रोन लगाए गए हैं। प्रशासन ने कस्बे को 7 जोन और 15 सेक्टरों में बांटा है।   शहर की करीब 50 स्‍कूलों में सुरक्षाबलों के कैंप लगाए गए हैं। आज अयोध्‍या में स्‍कूल-कॉले ज बंद कर दिया गया है। वहीं वहीं इलाके के लोग जरूरी सामान खरीदकर पहले से ही घर में रख रहे हैं। इलाके के लोगों को डर है कि कहीं 1992 जैसी घटना ना हो।

अयोध्या के माहौल पर डीएम अनिल कुमार का कहना है कि, 'हम स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। यहां किसी तरह भय का माहौल नहीं है। शिवसेना और वीएचपी अपने तय कार्यक्रम के लिए अनुमति प्राप्त कर चुकी हैं।' साथ ही उन्होंने कहा कि 'शिवसेना और वीएचपी ने यह सुनिश्चित किया है कि कार्यक्रम केवल उन शर्तों पर आयोजित किए जाएंगे जो उन्हें दी गई थीं।' डीएम का यह बयान ऐेसे वक्त में आया है जब हालही में अयोध्या को लेकर कुछ विवादित बयान सामने आए हैं।


शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के संत आशीर्वाद कार्यक्रम और विहिप की धर्मसभा को शांति पूर्वक निपटाने के लिए अयोध्या को किसी किले की भांति अभेद बनाया गया है। साथ ही तमाम केंद्रीय व प्रदेश की खुफिया एजेंसियां भी अयोध्या पर पैनी नजर रखे हुए हैं।