फिर अयोध्या पहुंचे मुस्लिम कारसेवक, लिया राममंदिर निर्माण का संकल्प


नई दिल्ली (27 अप्रैल): अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। हिन्दू ही नहीं अब मुस्लिम समुदाय के एक तबके ने भी राम मंदिर बनाने की वकालत तेज कर दी है। इसी कड़ी में बुधवार यानी कल अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि मुस्लिम कारसेवक मंच के लोगों ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया।


खास बात ये है कि वो इसे विकास से बड़ा बता रहे हैं. श्री रामजन्मभूमि मुस्लिम कारसेवक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजम खान के मुताबिक विकास के लिए अयोध्या में राम मंदिर बनना जरूरी है। इन्होंने अयोध्या में रामचंद्र परमहंस की समाधि पर पहुंचकर अयोध्या में राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया। आजम खान के साथ मुस्लिम समुदाय के और भी लोग थे।


आजम खान ने कहा राम मंदिर का मुद्दा विकास से बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि ‘हमें विकास नहीं चाहिए, हमें सबसे पहले श्री राम मंदिर चाहिए। मैं अपने मुस्लिम भाइयों से कहता हूं कि वह इसको अपनी प्रतिष्ठा से ना जोड़ें और राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आएं। यह भारत के लिए और मुस्लिम समुदाय के लिए गर्व की बात होगी।


आजम खान और उनके साथियों ने न सिर्फ रामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया, बल्कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने का पुरजोर विरोध भी किया। उन्होंने कहा ‘अगर अयोध्या में बाबरी मस्जिद बनती है तो यह भगवान श्रीराम का अपमान होगा। राम का मंदिर वहीं बनना चाहिए जहां राम की जन्मभूमि है।

साथ ही उन्होंने कहा कि ‘मस्जिद के लिए सरकार दूसरी जगह जमीन दे, लेकिन वह मस्जिद बाबर के नाम पर ना बने। बल्कि अशफाक उल्ला खा के नाम पर बने, क्योंकि बाबर का नाम सुनकर ही गुलामी का एहसास होता है। श्री रामजन्मभूमि मुस्लिम कारसेवक मंच के सदस्य, आजम खान के नेतृत्व में हफ्ते भर पहले भी ईंटों का ट्रक लेकर अयोध्या पहुंचे थे, लेकिन तब उन्हें रोक दिया गया था।