सस्ती हवाई यात्रा: रेलवे का 'फंडा' अपना सकती है एविएशन इंडस्ट्री

नई दिल्ली(1 सितंबर): फेस्टिवल सीजन और लंबे वीकेंड में महंगे हवाई किराये से राहत देने के लिए एविएशन मिनिस्ट्री अपने यहां रेलवे जैसा मॉडल लागू करने पर विचार कर रही है। इसके तहत एयरलाइंस कंपनियां बिजी सीजन में कुछ दिनों के लिए अपनी कपैसिटी बढ़ा सकती हैं, ताकि डिमांड और सप्लाई के गैप को भरा जा सके। आमतौर पर इसी गैप की वजह से किराये बढ़ते हैं।

- एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू ने बताया, 'क्रिसमस जैसे सीजन में एयर टिकट्स महंगे हो जाते हैं। उस वक्त हमारे पास खाली एयरक्राफ्ट नहीं होते, जिनका इस्तेमाल डिमांड बढ़ने पर किया जा सके। हम एयरलाइंस कपंनियों को कुछ वक्त के लिए लीज पर और एयरक्राफ्ट लेने की इजाजत दे सकते हैं।' इस उपाय से कुछ समय के लिए एयरलाइंस की कपैसिटी बढ़ जाएगी, जिससे महंगे किराये से राहत मिलेगी। यह मॉडल इंडियन रेलवे की तरह है, जो फेस्टिवल सीजन में यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर स्पेशल ट्रेनें चलाता है। राजू ने कहा, 'अभी कुछ तय नहीं है, लेकिन यह एक हल हो सकता है।' उन्होंने यह भी कहा, 'हमारे पास इस प्रॉब्लम का आसान सलूशन नहीं है।'

- एनालिस्टों का मानना है कि यह आइडिया लॉजिकल है। हालांकि, इसे लागू कैसे किया जाए यह देखने वाली बात होगी। देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी Yatra.com के प्रेसिडेंट शरत ढल ने कहा, 'यह शानदार आइडिया है। इससे बिजी सीजन में किरायों को काबू में रखने में मदद मिलेगी। मुझे लगता है कि एयरलाइंस कंपनियों को भी यह आइडिया पसंद आएगा। कपैसिटी बढ़ाने से अधिक बिजनेस का मौका मिलेगा। हालांकि, अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो उसे हैंडल करने के लिए अतिरिक्त मैनपावर की जरूरत होगी।'

- बता दें कि लंबे वीकेंड और फेस्टिवल सीजन के दौरान किराये बढ़ जाते हैं। देश में अगले महीने से फेस्टिवल सीजन शुरू होने वाला है। कई यात्रियों और सांसदों ने यह शिकायत की है कि एयरलाइंस बिजी सीजन में ज्यादा किराया वसूलती हैं। राजू ने यह भी कहा कि कॉम्पिटिशन से भी एयर फेयर को कम रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, 'कॉम्पिटिशन से यह पक्का होता है कि रेट कम होंगे। हमारी क्या समस्या है? हमारी समस्या तब बढ़ती है जब कॉम्पिटिशन कम हो।'