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सिंगल चार्जिंग पर हेलिया इलेक्ट्रिक कार चलेगी 900 किलोमीटर, जानें खासियत

आपने इलैक्ट्रिक कारों के बारे में तो खूब सुना होगा, लेकिन यह कार ऐसी है जो एक बार चार्ज होने पर 900 किमी तक दौड़ेगी। सुनने में यह थोड़ा अचरज भरा जरूर है

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(5 नवंबर): आपने इलैक्ट्रिक कारों के बारे में तो खूब सुना होगा, लेकिन यह कार ऐसी है जो एक बार चार्ज होने पर 900 किमी तक दौड़ेगी। सुनने में यह थोड़ा अचरज भरा जरूर है, लेकिन कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने इसे सच कर दिखाया है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने हेलिया नाम की इलेक्ट्रिक कार बनाई है, जो कि सिंगल चार्ज पर 559 माइल्स (करीब 900) किलोमीटर चलती है। इस इलेक्ट्रिक कार की टॉप स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटे है और इसकी सामान्य स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटे की है। Helia इलेक्ट्रिक कार में 4 लोग बैठ सकते हैं।

टेस्ला से दोगुनी है इसकी रेंज

खास बात यह है कि रूफटॉप सोलर पैनल का इस्तेमाल किए बिना ही हेलिया की रेंज टेस्ला से दोगुनी है। इस कार को स्टैंडर्ड इलेक्ट्रिक वीइकल चार्जर से चार्ज किया जा सकता है। इस कार में 54 स्क्वायर फुट के सोलर पैनल लगे हुए हैं। इसकी सोलर पैनल इफीशिएंसी 25 फीसदी है और इसका वजन 550 किलोग्राम है। हेलिया को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की इको रेसिंग टीम ने डिवेलप किया है, जिसमें 20 अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स और प्रोग्राम डायरेक्टर जियोफैन जैंग शामिल हैं।

कार को डिवेलप करने में लगे 2 साल

4 सीटर इलेक्ट्रिक कार को कई ब्रिटिश कार मैन्युफैक्चरर्स और इंजीनियरिंग फर्म्स की पार्टनरशिप में डिवेपल किया गया है, इसमें फोर्माप्लेक्स, डेल्टा मोटरस्पोर्ट और 8D क्लोजर्स शामिल हैं। इलेक्ट्रिक कार के कम वजन, एयरोडायनामिक्स कंस्ट्रक्शन और लो रोलिंग-रेजिस्टेंस टायरों की वजह से इसका परफॉर्मेंस दमदार है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की इको रेसिंग टीम को हेलिया (Helia) को डिवेलप करने में करीब 2 साल का वक्त लगा है। हेलिया को पहली बार 19 अगस्त 2019 को लंदन साइंस म्यूजियम में पेश किया गया था।

हेलिया को हाल में ऑस्ट्रेलिया में हुई ब्रिजस्टोन वर्ल्ड सोलर चैलेंज में भी उतारा गया। इस चैलेंज में दुनिया भर के सोलर वीइकल्स ने हिस्सा लिया और यह रेस 3,022 किलोमीटर की थी। हालांकि, हेलिया को इस चैलेंज के दूसरे दिन ही मुश्किल भरी ग्राउंड कंडीशंस के कारण बाहर होना पड़ा। ग्राउंड कंडीशंस के कारण कार की बैटरी को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद, कैम्ब्रिज टीम को तीसरे स्थान का अवॉर्ड दिया गया।

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