देश में 118 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड: केंद्र ने SC को दी जानकारी

नई दिल्ली(4 नवंबर): केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि 118.64 करोड़ भारतीयों को आधार मिल चुका है, जो कुल आबादी का 88% है। दिलचस्प बात यह है कि आधार पाए लोगों ने 1,216.8 करोड़ बार प्रमाण के तौर पर इसका इस्तेमाल किया है।

- ऐडवोकेट जोहेब हुसैन के जरिए कोर्ट में दाखिल किए गए अपने हलफनामे में केन्द्र ने कहा, 'आज तक आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन की कुल संख्या 12,168,022,172 है। इस प्रकार से भारतीयों ने अपनी पहचान के प्रमाण और आधार ऐक्ट एवं दूसरे कानूनों के तहत सेवाओं के लाभ के लिए 1,216 करोड़ बार आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया है।' 

- गौरतलब है कि आधार को बैंकिंग और दूसरी सेवाओं से जोड़ने के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गई हैं और इसमें निजता के उल्लंघन का दावा किया जा रहा है। ऐसे में याचिकाकर्ताओं की शिकायतों को चुनौती देते हुए केन्द्र ने कहा कि आधार बेस्ड e-KYC का इस्तेमाल कर 12.64 करोड़ बैंक अकाउंट्स खोले गए। आगे कहा गया, '15 अक्टूबर तक 54.25 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट्स को आधार से लिंक किया जा चुका है। इतना ही नहीं, नए खोले गए 30.54 करोड़ जन धन अकाउंट्स में से 18.97 करोड़ अकाउंट्स में आधार का इस्तेमाल किया गया है।' 

- केन्द्र की ओर से पेश किए आंकड़ों के मुताबिक MGNREGA के तहत देश के दिहाड़ी मजदूरों में भी आधार का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। केन्द्र सरकार ने कोर्ट में कहा, 'MGNREGA के मौजूदा 10.93 करोड़ सक्रिय कामगारों में से 9.54 करोड़ लोगों ने अपना आधार नंबर हासिल कर लिया है। अब इन लोगों को दैनिक भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है।' 

- हलफनामे में कहा गया है, 'कुल 2.83 करोड़ पेंशनरों में से 1.48 करोड़ लोग आधार से जुड़े हैं और पेंशन सीधे उनके खातों में पहुंच रही है। 1.36 करोड़ लोगों ने आधार का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाए हैं। इतना ही नहीं, 50 करोड़ से ज्यादा सिम कार्ड्स आधार e-KYC के जरिए जारी किए गए। ये सभी इस बात की गवाही देते हैं कि आधार वित्तीय समावेशन और भरोसे के एक साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी वजह से लोग इस सिस्टम को पूरे विश्वास के साथ अपना रहे हैं और बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।' 

- केन्द्र की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता इस बात पर विचार नहीं कर रहे कि 2014-17 के बीच आधार की मदद से केवल एक स्कीम direct benefit transfer से सरकार को 57,029 करोड़ रुपये की बचत हुई है। ऐसे में यह समझा जा सकता है कि आधार लोगों के लिए कितना जरूरी है। इससे सरकारी सेवाओं का लाभ पात्र लोगों को मिलना सुनिश्चित होता है और जनता का पैसा भी बचता है। आगे सरकार ने बताया कि पैन से आधार को लिंक करने से यह सुनिश्चित किया जा सका है कि एक व्यक्ति को केवल एक पैन ही मिले। अब तक 11.35 लाख केस ड्यूप्लिकेट और फर्जी पैन के सामने आए हैं और उन्हें डीऐक्टिवेट किया जा रहा है।