हर साल 1.5 मीटर खिसक रहा है ये देश

नई दिल्ली(31 जुलाई): ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम्स के साथ तालमेल बिठाने के लिए ऑस्ट्रेलिया अपनी अक्षांश और देशांतर रेखाओं में थोड़ा बदलाव करेगा।

- जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक अभी ऑस्ट्रेलिया की ये दोनों रेखाएं अपेक्षित से एक मीटर ज्यादा लंबी हैं। इसके कारण ऑस्ट्रेलिया को भविष्य में नई तकनीकों के इस्तेमाल में काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

- भविष्य में आने वालीं बिना ड्राइवर की गाड़ियों में लोकेशन का डेटा बिल्कुल सही होना चाहिए। अक्षांश और देशांतर रेखाओं के मौजूदा अंतर के कारण इस तरह की तकनीकों के इस्तेमाल में ऑस्ट्रेलिया को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

-जियोसाइंस के डेन जाकसा ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन को बताया, 'हमें अपनी अक्षांश और देशांतर रेखाओं में थोड़ी तब्दीली लानी होगी, ताकि अपने-अपने स्मार्टफोन्स पर हम जो सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम्स का इस्तेमाल करते हैं वे हमारे डिजिटल मैप की जानकारियों के साथ तालमेल बैठा सकें।'

- फिलहाल ऑस्ट्रेलिया हर साल अपने उत्तर की दिशा में करीब 7 सेंटीमीटर खिसक रहा है। ऐसा जमीन की परतों में होने वाली सामान्य गति के कारण होता है।

- जकासा ने बताया कि इस गति के साथ संतुलन बनाने के लिए अक्षांश और देशांतर रेखाओं में थोड़ा बदलाव किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन अभी भी जो लोकेशन बताते हैं, वह 5 से 10 मीटर की परिधि में सही होता है, लेकिन आने वाले समय में अगर यह फासला बढ़ा, तो बहुत मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।