औरैया से जिस दल का प्रत्याशी जीता उसी की सूबे में बनी सरकार !

नई दिल्ली (26 जनवरी): यूपी के आगामी विधानसभा मतदान में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं जिसको लेकर सभी राजनीतिक दलों ने सरकार बनाने के खातिर पूरी जोर लगी रखी है। सभी दलों ने चुनावी महसमर में  चुनावी प्रचार भी शुरू कर दिया है। कहा जाता है कि औरैया ऐसी विधान सभा सीट है इस पर जिस दल का प्रत्याशी जीतता है उसी दल की सरकार बनती है। वर्ष 2009 में परिसीमन से पहले अजीतमल विधानसभा सीट के नाम से जानी जाती थी। औरेया विस सीट एक ऐसा सीट है जहां से जिस पार्टी के विधायक जीतते हैं राज्य में उसी पार्टी की सरकार भी बनती है।

आजादी के बाद से इस सीट के विधायक हमेशा सत्‍ता में रहे हैं। अजीतमल सीट से 1952 से लेकर 1989 तक सुखलाल कोरी, भजनलाल, तुलाराम और गौरी शंकर कांग्रेस के विधायक रहे। 1989 में जनता दल के मुंशीलाल गौतम जीते और इसी पार्टी की सरकार भी बनी।

1991 में रामलहर के दौरान छन्‍कीलाल कोरी बीजेपी से जीते और पार्टी की सरकार बनी। 1993 में बीएसपी की रेखा छागला चुनाव जीतीं और इस चुनाव में यूपी में सपा बसपा गठबंधन का परचम लहराया था।

 तीन वर्ष बाद 1996 में बीएसपी के मोहन सिंह अंबाड़ी जीते और यूपी में बीजेपी-बीएसपी गठबंधन की सरकार बनी।2002 में भी बीएसपी-बीजेपी गठबंधन की सरकार बनी और अजीतमल से बीएसपी के मदन गौतम चुनाव जीते। 2004 में जब यूपी में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्‍व वाली सपा सरकार बनी तो मदन गौतम दलबदलकर सपा में आ गए। 2007 में बीएसपी के अशोक दोहरे चुनाव जीते और यूपी में मायावती ने सत्‍ता संभाली।

वर्ष 2012 में अजीतमल सीट नए परिसीमन बदलकर औरेया हो गई। इस साल सपा के टिकट पर मदन गौतम बार फिर जीते।  यह सिलसिला वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बरकरार रह पाता है कि नहीं-यह देखने वाली बात होगी।