भूमि विवाद को लेकर मथुरा में उपद्रव, SHO की मौत, कई पुलिसकर्मी घायल

नई दिल्ली (2 जून): मथुरा में पुलिस टीम पर हमले की घटना सामने आई है। यह पुलिस टीम दो साल से ज्यादा समय से सरकारी भूमि पर कब्ज़ा जमाए बैठे लोगों से जवाहर बाग़ खाली कराने गई थी। पुलिस पर हथियारों से हमला किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के जवाब में की पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इस झड़प में एसएचओ संतोष यादव की मौत हो गई। हमले में एसपी सिटी सहित एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। क्षेत्र में स्थिति बेहद विस्फोटक हो गई है। कई जिलों से पुलिस बल मथुरा मंगा लिया गया है। बताया जा रहा कि फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई है।

दोनों तरफ से आमने-सामने की फायरिंग हुई। अंधाधुंध फायरिंग के चलते आसपास के पूरे इलाके को खाली कराया गया। 280 एकड़ में फैले जवाहर बाग के कई हिस्सों में आग दी गई। बताया जा रहा कि हमलावरों ने देशी बम और हथगोले भी फेंके। जवाहर बाग उद्यान विभाग की संपत्ति है। झड़प के दौरान 4 से 5 सिपाहियों को उपद्रवी खींचकर ले गए। झड़प में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव समेत कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए हैं।

ये है पूरा मामला

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, मथुरा प्रशासन ने गुरुवार को जवाहर बाग़ में रह रहे कब्ज़ाधारियों से बाग़ को खाली करने के लिए मुनादी कराई। इस मुनादी के विरोध में कब्ज़ा धारियों ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए अपनी तरफ से भी ऐलान शुरू कर दिया। 

प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए जवाहर बाग़ को जल्द खाली कराने की बात कही। प्रशासन का कहना है की हाईकोर्ट में कब्जा धारियों की तरफ से एक याचिका वहां सत्यागृह करने की अनुमति देने के लिए डाली थी। जिसे उच्च न्यायलय ने ख़ारिज करते हुए इन लोगों पर 50 हजार का जुर्माना भी लगा दिया। मथुरा के डीएम राजेश कुमार ने कहा कि जवाहर बाग सरकारी प्रॉपर्टी है। इस पर करीब 3 से 4 हजार लोगों ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है।