खतरे में आपका कार्ड, ATM से जानकारी चुरा सकते हैं हैकर्स

नई दिल्ली (13 दिसंबर): नोटबंदी के बाद देशभर के ATM से कैश निकालने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइने लग रही है। जिन ATM में कैश होता है उससे बिना रूके लोग लगातार उस वक्त तक पैसा निकाल रहे होते हैं जबतक उसमें कैश खत्म न हो जाए। लेकिन ATM में की सुरक्षा से पिछले 2 साल से खिलवाड़ हो रहा है। 

भारत इस वक्त में करीब 2.20 लाख ATM हैं। इनमें से 70 फीसदी ATM ऐसे हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज एक्सपी का इस्तेमाल हो रहा है। इनके लिए माइक्रोसॉफ्ट कोई सिक्यॉरिटी अपडेट, पैचेज या टेक्निकल सपॉर्ट नहीं देता है। माइक्रोसॉफ्ट 8 अप्रैल 2014 से ही ऐसी मदद बंद कर चुका है। ऐसे में आपके कार्ड डीटेल्स खतरे में हैं।

ऐसी स्थिति में हैकरों के इन मशीनों को निशाना बनाने की संभावना बढ़ गई है। लेकिन बैंक अभी भी पुराने सॉफ्टवेयर पर एटीएम चला रहे हैं जिससे न केवल बैंकिंग व्यवस्था बल्कि करोड़ों उपभोक्ताओं की जानकारी और उनका पैसा दांव पर लग गया है।

इसी साल देश में सुरक्षा में चूक की खबरों के बाद 32 लाख डेबिट कार्ड खतरे में पड़ गए थे, तब कुछ बैंकों ने कार्ड बदले तो कुछ ने पिन बदलवाए। हालांकि ATM हैकिंग दुनियाभर के सायबर एक्सपर्ट्स के लिए एक बड़ा मुद्दा है लेकिन भारत में चिंता और ज्यादा है क्योंकि यहां के लाखों ATM अब भी अपग्रेड होने बाकी हैं।