वाजपेयी ने तोड़ी थी परंपरा, पहली बार किया था इज़रायली पीएम को आमंत्रित


नई दिल्ली(4 जुलाई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। बता दें इसी साल दोनों देशों के बीच राजनीतिक रिश्तों के 25 साल भी पूरे हो रहे हैं। ऐसे में पीएम मोदी का ये दौरा अहम माना जा रहा है।


- दरअसल 1990 के दशक में इजरायल के साथ राजनयिक संबंध शुरू तो हो गया था लेकिन भारत इजरायली प्रधानमंत्री को अपने यहां बुलाने से परहेज करता रहा।


- परंपरा तब टूटी जब अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री एरियल शेरॉन को भारत दौरे के लिए आमंत्रित किया गया था।


- अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में विदेश मंत्री जसवंत सिंह ने 2000 में इजरायल की यात्रा की थी और फिर 2003 में पहली बार तत्कालीन इजरायली प्रधानमंत्री एरियल शेरॉन भारत के दौरे पर आए थे।


- 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव ने इजरायल के साथ राजनयिक संबंधों की नींव रखी थी। इसके बाद अक्टूबर 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इज़राइल का दौरा करने वाले पहले राष्ट्रपति बने।


- इसके बाद नवंबर 2016 में इज़राल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन भारत दौरे पर आए। इससे पहले, इज़राय़ल के तत्कालीन राष्ट्रपति एजर विजमान ने जनवरी 1997 में भारत का दौरा किया था।


- भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 17 और 18 जनवरी को इजरायल के दौरे पर गई थीं। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी पिछले साल 15 अक्टूबर को इजरायल गए थे।


- भारत और इजरायल के बीच करोड़ों डॉलर के हथियारों का सौदा होता है। दोनों देशों के बीच मिलिटरी एक्सपोर्ट्स, द्विपक्षीय ट्रेड 4.52 बिलियन का है। इजरायल इंडिया में कई ऐग्रिकल्चर प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा है।