3.09 रुपए में 500 और 3.54 रुपए में मिल रहे हैं 2000 के नए नोट

नई दिल्ली ( 20 दिसंबर ): 8 नवंबर की आधी रात से मोदी सरकार ने बड़ पुराने नोटों पर बैन लगा दिया। बाजार में 500 और 2000 के नए नोट आ चुके हैं। क्या आपको मालूम है कि इनकी छपाई पर आरबीआई कितने रुपए खर्च कर रहा है। आईए हम आपको बताते हैं कि आरबीआई इनकी छपाई पर कितने रुपए खर्च कर रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को 500 रपये के नये नोट को छापने पर 3.09 रपये की लागत आ रही है। रिजर्व बैंक को पहले भी 500 रपये का नोट इसी लागत पर मिल रहा था। आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) केन्द्रीय बैंक को 2,000 रपये मूल्य वर्ग का नया नोट 3.54 रपये में उपलब्ध करा रही है। आरबीआई ने यह एक आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में जानकारी दी है।

मध्य प्रदेश के नीमच के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने आरबीआई से आरटीई के तहत 500-2000 के नए नोट की छपाई के खर्च के बारे में जानाकारी मांगी थी।

उन्होंने बताया कि उनकी आरटीआई अर्जी के जवाब में बीआरबीएनएमपीएल की ओर से सूचित किया गया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में 500 रपये मूल्य वर्ग के 1,000 नये नोटों के लिये 3,090 रपये मूल्य तय किया गया है। यही कीमत 500 रपये मूल्य वर्ग के पुराने नोटों के लिये भी निर्धारित थी।

आरबीआई द्वारा वर्ष 1995 में स्थापित इस कम्पनी ने नोटबंदी के बाद भी 500 रपये मूल्य वर्ग के नये नोटों के बिक्री मूल्य में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है।

गौड़ ने आरटीआई अर्जी के जवाब के हवाले से बताया कि बीआरबीएनएमपीएल 2,000 रपये मूल्य वर्ग के 1,000 नये नोट आरबीआई को 3,540 रपये में उपलब्ध करा रही है। यह जानना दिलचस्प है कि कम्पनी नोटबंदी से पहले केंद्रीय बैंक को इसी दाम पर 1,000 रपये मूल्य वर्ग के पुराने नोटों की आपूर्ति कर रही थी।