96 साल की उम्र में किया ग्रेजुएशन, मिला गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट

नई दिल्ली (4 जून) : जज़्बा हो तो क्या नहीं किया जा सकता। इसमें उम्र जैसी कोई बंदिश भी आड़े नहीं आती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जापान के शिगेमी हिराता ने। उन्होंने 96 साल की उम्र में ग्रेजुएशन करने का कारनामा कर दिखाया है। शिगेमी को दुनिया के सबसे उम्रदराज़ यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट के तौर पर शुक्रवार को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट सौंपा गया। जापान के स्थानीय मीडिया ने शनिवार को इस आशय की रिपोर्ट प्रकाशित कीं।

शिगेमी को इस साल के शुरू में 'क्योटो यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट एंड डिजाइन' ने बीए की डिग्री प्रदान की थी। शिगेमी का जन्म हिरोशिमा में 1919 में हुआ।

शिगेमी को यूनिवर्सिटी में सेलेब्रिटी जैसा दर्ज़ा प्राप्त था। योमियूरी अखबार को शिगेमी ने बताया कि जो छात्र उन्हें नहीं भी जानते थे वो भी उनके पास आकर अभिवादन करते थे। शिगेमी के अनुसार ये सब उन्हें काफ़ी ऊर्जा देता था। शिगेमी को अपने सेरेमिक आर्ट्स कोर्स को पूरा करने में 11 साल लगे। शिगेमी ने कहा कि उन्होंने रिकॉर्ड बनाने के मकसद से ग्रेजुएशन नहीं किया। बल्कि पॉटरी में दिलचस्पी की वजह से ऐसा किया।   

शिगेमी के मुताबिक वो 100 साल तक जीना चाहते है। शिगेमी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नेवी में काम किया था। उनके चार पड़पोते हैं।

जापान में पेंशनर्स की ओर से ऐसे कई रिकॉर्ड सामने आते रहते हैं। 2015 में 100 वर्षीय मिको नगाओका पहली शख्स बनी थीं जिन्होंने 100 साल से ऊपर की आयु में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल स्विमिंग को पूरा किया था। जापान के बुज़ुर्गों का स्वास्थ्य अन्य देशों की तुलना में औसत तौर पर अधिक फिट रहता है।  

2015 में जापान में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 59,000 लोग ऐसे थे जिनकी आयु 100 साल से अधिक थी।